क्या खत्म होने जा रही है ईरान जंग? ट्रंप की डील पर यूरेनियम छोड़ने को तैयार तेहरान

अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से चल रहे तनाव के बीच बड़ी खबर सामने आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान प्रस्तावित समझौते के तहत अपने संवर्धित यूरेनियम का जखीरा छोड़ने को तैयार हो गया है. कहा जा रहा है कि इसी मुद्दे पर सहमति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि जंग खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट खोलने की डील बेहद करीब पहुंच चुकी है.

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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ईरान सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई. (Photo- ITG) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ईरान सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई. (Photo- ITG)

आजतक इंटरनेशनल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 24 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:34 AM IST

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब एक बड़े मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. दावा है कि तेहरान ने उस प्रस्तावित समझौते पर नरमी दिखाई है, जिसके तहत उसे अपने हाईली एनरिच्ड यानी अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को छोड़ना होगा. यही मुद्दा लंबे समय से दोनों देशों के बीच सबसे बड़ी अड़चन बना हुआ था.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि प्रस्तावित डील में ईरान ने इस बात पर सहमति जताई है कि वह अपने संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका या किसी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के तहत सौंप देगा. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि यह यूरेनियम सीधे अमेरिका को दिया जाएगा, रूस भेजा जाएगा या फिर इसे कम संवर्धित स्तर पर बदला जाएगा.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता बेहद करीब है. ट्रंप के मुताबिक, यह डील सिर्फ जंग खत्म करने के लिए नहीं बल्कि होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए भी अहम होगी. होर्मुज स्ट्रेट पिछले कई महीनों से वैश्विक तनाव का केंद्र बना हुआ है और इसके बंद होने से दुनिया भर में तेल सप्लाई प्रभावित हुई है.

ईरान और उसका संवर्धित यूरेनियम

बताया जा रहा है कि शुरुआत में ईरान इस मुद्दे को समझौते के पहले चरण में शामिल करने के लिए तैयार नहीं था. तेहरान चाहता था कि यूरेनियम पर फैसला बाद की बातचीत में हो, लेकिन अमेरिकी वार्ताकारों ने साफ कर दिया कि अगर शुरुआती समझौते में इस पर कोई कमिटमेंट नहीं मिला तो अमेरिका बातचीत छोड़कर दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है.

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के दिनों में अमेरिकी सेना ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के कई विकल्प तैयार कर लिए थे. खासतौर पर इशफहान न्यूक्लियर फैसिलिटी को लेकर रणनीति बनाई गई थी, जहां ईरान का बड़ा यूरेनियम भंडार मौजूद माना जाता है. यहां तक कि अमेरिकी और इजरायली कमांडो ऑपरेशन तक पर चर्चा हुई थी, हालांकि उसे मंजूरी नहीं मिली.

ईरान के पास 60% संवर्धित यूरेनियम

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के मुताबिक, ईरान के पास करीब 970 पाउंड ऐसा यूरेनियम है जिसे 60 प्रतिशत तक संवर्धित किया जा चुका है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्तर परमाणु हथियार बनाने की दिशा में बेहद अहम माना जाता है.

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अब आने वाले हफ्तों में दोनों देशों के बीच नई परमाणु वार्ता शुरू हो सकती है, जिसमें यह तय होगा कि ईरान अपने यूरेनियम भंडार का क्या करेगा और भविष्य में उसके परमाणु कार्यक्रम पर क्या सीमाएं लगाई जाएंगी. रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि किसी अंतिम समझौते के बाद ईरान की विदेशों में जमा अरबों डॉलर की संपत्तियां भी धीरे-धीरे रिलीज की जा सकती हैं, ताकि तेहरान को डील पर कायम रहने के लिए प्रोत्साहन मिले.

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संवर्धित यूरेनियम पर मोजतबा खामेनेई का बयान

यह दावा कितना सही है यह आधिकारिक ऐलान के बाद ही पता चलेगा, लेकिन बीते दिन खबर सामने आई थी कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने यह स्पष्ट कर दिया था कि ईरान संवर्धित यूरेनियम देश से बाहर नहीं जाने देगा. इनके अलावा बीते दिन ही ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और कई अन्य ईरानी नेताओं ने अपने बयानों इस बात का जिक्र किया था कि अमेरिका-ईरान में फिलहाल डील नहीं हो रही है और अमेरिका कई जरूरत से ज्यादा डिमांड कर रहा है. साथ ही कहा गया था कि समझौते के लिए बातचीत चल रही है.

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