अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या क्यूबा में भी वेनेजुएला जैसी सैन्य कार्रवाई हो सकती है, तो ट्रंप ने जवाब दिया, "यह संभव है, ऐसा हो सकता है."
ट्रंप ने क्यूबा और वेनेजुएला की तुलना करते हुए कहा कि दोनों मामलों में एक बड़ा अंतर है. उनके मुताबिक, "वेनेजुएला के पास तेल है, जबकि क्यूबा के पास तेल नहीं है. लेकिन क्यूबा के पास अच्छी प्रॉपर्टी है और शानदार समुद्री तट हैं." इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है.
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ट्रंप ने यह भी कहा कि क्यूबा अमेरिका के बेहद करीब है, जबकि ईरान और अन्य क्षेत्र काफी दूर हैं. उन्होंने कहा, "वेनेजुएला नजदीक है और क्यूबा तो बिल्कुल पड़ोस में है. ईरान बहुत दूर है." उनके इस बयान को कई विश्लेषक संभावित सैन्य कार्रवाई की ओर इशारा मान रहे हैं.
ट्रंप प्रशासन और क्यूबा में तनाव
हाल के महीनों में ट्रंप प्रशासन और क्यूबा के बीच तनाव लगातार बढ़ा है. रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन ने क्यूबा की स्थिति को लेकर कई सैन्य विकल्पों पर विचार किया है और कुछ स्तर पर संभावित कार्रवाई की तैयारियों पर भी चर्चा हुई है. हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी कहा है कि फिलहाल किसी तत्काल सैन्य हमले की योजना नहीं है.
इंटरव्यू में ट्रंप ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि रूबियो क्यूबा मामले में सक्रिय भूमिका निभाएंगे. ट्रंप ने दावा किया कि "क्यूबा बातचीत करना चाहता है" और इस मुद्दे पर आगे कूटनीतिक प्रयास भी हो सकते हैं.
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क्यूबा को लेकर ट्रंप का सख्त रुख
ट्रंप प्रशासन पहले भी क्यूबा पर सख्त रुख अपनाता रहा है. हाल के महीनों में नए प्रतिबंध लगाए गए हैं और हवाना सरकार पर दबाव बढ़ाया गया है. दूसरी ओर, क्यूबा लगातार आरोप लगाता रहा है कि अमेरिका आर्थिक और राजनीतिक दबाव के जरिए उसके आंतरिक मामलों में दखल देना चाहता है.
फिलहाल ट्रंप ने किसी कार्रवाई की समयसीमा नहीं बताई है. लेकिन उनके "संभव है" वाले बयान ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि व्हाइट हाउस क्यूबा को लेकर अपने सभी विकल्प खुले रखे हुए है.
आजतक इंटरनेशनल डेस्क