हेट स्पीच केस में FIR के बाद CM शुभेंदु के मंच पर दिखे TMC विधायक फिरहाद

बंगाल की राजनीति में एक तस्वीर ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. TMC विधायक फिरहाद हकीम मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पहले KMC कार्यक्रम में मंच साझा करते नजर आए. खास बात यह है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब उनके खिलाफ हेट स्पीच मामले में केस दर्ज कराया गया है.

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कोलकाता में बदले दिखे सियासी समीकरण, कोलकाता के पूर्व मेयर की मौजूदगी ने खड़े किए सवाल. (Photo: ITG) कोलकाता में बदले दिखे सियासी समीकरण, कोलकाता के पूर्व मेयर की मौजूदगी ने खड़े किए सवाल. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • कोलकाता,
  • 15 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:54 PM IST

पश्चिम बंगाल में सियासी हलचल लगातार तेज हो रही है. ताजा घटनाक्रम में तृणमूल कांग्रेस विधायक और कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ मंच साझा करते नजर आए. दोनों कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के एक कार्यक्रम में मौजूद रहे. इस कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.

कार्यक्रम के दौरान फिरहाद हकीम मंच पर बंगाल सरकार की मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती, इंद्रनील खान, बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ बैठे नजर आए. मंच पर उनकी मौजूदगी इसलिए भी चर्चा का विषय बन गई क्योंकि राज्य की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच लंबे समय से तीखी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रही है.

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बताया जा रहा है कि ये मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का पहला आधिकारिक दौरा था. इस मौके पर शहर को सजाने और विकसित करने की तैयारियों की घोषणा की गई. कार्यक्रम का महत्व इसलिए भी बढ़ गया क्योंकि इसी सप्ताहांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोलकाता दौरा प्रस्तावित है. प्रशासन उसकी तैयारियों में जुटा हुआ है. 

मंच पर फिरहाद हकीम बाएं से दूसरे स्थान पर बैठे दिखाई दिए, जिसने राजनीतिक पर्यवेक्षकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. हालांकि इस राजनीतिक तस्वीर के पीछे एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम भी जुड़ा हुआ है. कुछ दिन पहले ही फिरहाद हकीम के खिलाफ कथित हेट स्पीच को लेकर बिधाननगर साउथ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी. 

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि हकीम ने ऐसे बयान दिए, जिनसे सांप्रदायिक तनाव और सामाजिक अस्थिरता फैल सकती है. यह शिकायत बीजेपी कार्यकर्ता संजय पोयरा की ओर से की गई थी. पोयरा का दावा है कि फिरहाद हकीम के पूर्व के बयान सार्वजनिक शांति को प्रभावित करने वाले थे और उन्होंने जानबूझकर भड़काऊ टिप्पणियां की थीं. 

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शिकायत में यह भी कहा गया कि हकीम के बयानों का असर सामाजिक सौहार्द पर पड़ सकता है और इस मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है. पोयरा ने दावा किया कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भी इसी तरह की शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय उन्हें प्रशासनिक स्तर पर विरोध और बाधाओं का सामना करना पड़ा था. 

उनके अनुसार, शिकायत को आगे नहीं बढ़ाया गया और मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था. अब राजनीतिक माहौल में आए बदलाव के बीच पुलिस ने औपचारिक रूप से शिकायत स्वीकार कर ली है. इसी बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कार्यक्रम में फिरहाद हकीम की मौजूदगी ने राजनीतिक समीकरणों को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं. 

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