पश्चिम बंगाल सरकार ने सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को दिए जाने वाले पके हुए भोजन के दैनिक बजट को करीब दोगुना कर दिया है. अब प्रति मरीज दैनिक आवंटन को 56.64 रुपये से बढ़ाकर 110 रुपये कर दिया गया है. ये नया नियम 1 अगस्त 2026 से लागू होगा.
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने एक नोटिफिकेशन जारी की करते हुए इस फैसले की जानकारी दी. विभाग के मुताबिक, कलकत्ता हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद एक विशेष समिति का गठन किया गया था. इस समिति ने जून में खाद्य पदार्थों की मौजूदा बाजार कीमतों और महंगाई का रिव्यू किया था.
इस समिति की सिफारिशों को अब बंगाल सरकार ने मंजूरी दे दी है. अब 1 अगस्त से सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती मरीजों को 'फुल राइस डाइट' के तहत बढ़ा हुआ बजट मिलेगा.
डबल हुआ सरकारी अस्पतालों में मरीजों का फूड बजट
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस फैसले की जानकारी दी. उन्होंने इसे 'ऐतिहासिक और जन-केंद्रित' कदम बताया.
CM अधिकारी ने कहा कि इस फैसले से सरकारी अस्पतालों में परोसे जाने वाले खाने की क्वालिटी और न्यूट्रिशनल वैल्यू में बड़ा सुधार होगा. उन्होंने कहा, 'स्वास्थ्य क्षेत्र में, सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में इलाज करा रहे मरीजों की दैनिक डाइट लागत को 56.64 रुपये से बढ़ाकर 110 रुपये कर दिया गया है. 1 अगस्त 2026 से अस्पतालों में भर्ती मरीजों को बेहतर क्वालिटी वाला और संतुलित भोजन मिलेगा.'
प्राइमरी स्कूलों के मिड-डे मील का बजट भी बढ़ा
बंगाल सरकार ने सोमवार को स्कूली बच्चों के लिए भी एक बड़ा ऐलान किया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राइमरी स्कूलों में चल रही मिड-डे मील योजना के तहत भी प्रति छात्र आवंटन बढ़ाया जा रहा है. 1 अगस्त 2026 से इसे मौजूदा 6.78 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये प्रति छात्र कर दिया जाएगा.
CM शुभेंदु ने कहा, 'हमारी सरकार का प्राथमिक उद्देश्य आम और हाशिए पर रहने वाले लोगों के साथ खड़े होना है. राज्य के हर नागरिक के स्वास्थ्य और पोषण की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है.'
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बढ़ती महंगाई का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरी चीजों की कीमतें बढ़ने के कारण सरकारी सेवाओं में खाने की क्वालिटी बनाए रखना मुश्किल हो रहा था. उन्होंने कहा, 'डाइट रेट में आखिरी बार साल 2017 में संशोधन किया गया था. लगभग नौ साल के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए, हमारी सरकार ने पद संभालने के महज दो महीने के भीतर इस मुद्दे पर सकारात्मक कदम उठाने का फैसला किया है.'
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