लोकसभा स्पीकर से मिले अभिषेक बनर्जी, 20 बागी सांसदों को अयोग्य करार देने की मांग

अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर से मुलाकात के बाद बताया कि टीएमसी के 4-5 सांसद यह दावा कर रहे हैं कि वे एक नई पार्टी बना रहे हैं. वहीं, टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि अगर कोई नेता टीएमसी छोड़ता है, तो उसे पार्टी का हिस्सा नहीं माना जाएगा.

Advertisement
अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर को 20 डिस्क्वालिफिकेशन याचिकाएं सौंपी हैं. (Photo: ITG) अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर को 20 डिस्क्वालिफिकेशन याचिकाएं सौंपी हैं. (Photo: ITG)

मौसमी सिंह / हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 19 जून 2026,
  • अपडेटेड 7:42 PM IST

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की. अभिषेक ने बताया कि इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच चल रही थी, जिसके चलते मुलाकात संभव नहीं हो पाई. इस बैठक के दौरान अभिषेक बनर्जी के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी भी मौजूद रहे.

अभिषेक बनर्जी ने कहा, अगर किसी सांसद को मेरा बयान बुरा लगा है, तो उन्हें मेरे खिलाफ केस करना चाहिए. मैं अदालत में अपनी बात साबित करूंगा. लोगों को धमकाकर, डराकर और करोड़ों रुपयों का लालच देकर, वे उन उम्मीदों को धोखा दे रहे हैं जिनके लिए जनता ने उन्हें चुना था.

Advertisement

अभिषेक ने बताया कि राजनीति में जीत और हार खेल का हिस्सा हैं. लेकिन अगर कोई कहता है 'मैं लड़ने को तैयार नहीं हूं, मैं घर से बाहर नहीं निकलूंगा, मैं BJP के खिलाफ नहीं लड़ूंगा. इसलिए मैं BJP से हाथ मिला लूंगा और अपना जमीर बेच दूंगा,' तो ऐसे लोगों के लिए बंगाल में कोई जगह नहीं है.

यह भी पढ़ें: अब बागी TMC विधायकों ने साइबर सेल में की शिकायत, ममता के पार्टी फंड की जांच की मांग

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि टीएमसी के 4-5 सांसद दावा कर रहे हैं कि वे नई पार्टी बना रहे हैं. उन्होंने बताया कि वे स्पीकर को दसवीं अनुसूची (10th Schedule) का नियम 2A दिखाने आए थे. इसके तहत, अगर कोई अपनी मर्जी से पार्टी छोड़ता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त हो जाती है.

Advertisement

वहीं, उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर विलय की बात होती है, तो दसवीं अनुसूची के चौथे नियम के अनुसार विलय तभी मान्य होगा जब पार्टी के कुल सदस्यों में से दो-तिहाई सदस्य दूसरी पार्टी में शामिल हों.

20 सांसदों पर जल्द होगा फैसला

टीएमसी के लोकसभा नेता के तौर पर अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर को 20 डिस्क्वालिफिकेशन याचिकाएं सौंपी हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले में फैसला लेने का अधिकार स्पीकर के पास है, इसलिए उनसे जल्द फैसले लेने का अनुरोध किया गया है.

सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 सांसदों से जुड़े मामले पर लोकसभा स्पीकर जल्द ही अपना फैसला सुना सकते हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि मॉनसून सत्र के शुरू होने से पहले ही इस पर फैसला लिया जाएगा. अलग बैठने और एनसीपीआई के सदस्य के तौर पर मान्यता देने की याचिका पर भी फैसला किया जाएगा.

वहीं टीएसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर को एक पत्र दिया है. हमारा कहना है कि टीएमसी एक है और अगर कोई टीएमसी छोड़ता है, तो उसे टीएमसी का हिस्सा नहीं माना जाएगा. पार्टी का यह बंटवारा संविधान के मुताबिक नहीं है.

ईडी और सीआईडी ने की पूछताछ

इससे पहले अभिषेक बनर्जी ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा करीब 11 घंटे तक चली पूछताछ के बाद कहा था कि उन्होंने जांच एजेंसी के सभी सवालों का अपनी पूरी क्षमता के अनुसार जवाब दिया. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक महीने से विपक्षी नेताओं को डराने और दबाव में लेने की कोशिश की जा रही है.

अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि केंद्रीय एजेंसियों के डर से पार्टी को तोड़ने या सांसदों और विधायकों को तोड़ने की कोशिश करने से फायदा नहीं होगा.

Advertisement

बता दें कि सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी से आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी. यह कार्रवाई विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों पर विधायकों के कथित फर्जी हस्ताक्षरों के मामले की जांच के तहत की गई थी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »