बंगाल की राजनीति के निराले रंग देखने को मिल रहे हैं. टीएमसी में फूट के बाद सांसद पति ने ममता का साथ छोड़ दिया है, लेकिन विधायक अभी भी पूर्व सीएम ममता के साथ है. वो ममता बनर्जी के नाम पर कसमें खा रही हैं. TMC की इस महिला नेत्री ने कहा कि मैं उसे कैसे छोड़ सकती हूं जिसे मैंने दुर्गा कहा है.
ये कहानी पश्चिम बंगाल के कद्दावर नेता सुदीप बंदोपाध्याय और नयना बंदोपाध्याय की है.
बंगाल की राजनीति के जाने-माने चेहरे सुदीप बंदोपाध्याय रविवार को टीएमसी छोड़ बागियों के गुट में आकर मिल गए और बाद में नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए. सुदीप बंदोपाध्याय उत्तरी कोलकाता से सांसद भी हैं.
सुदीप बंदोपाध्याय ने 19 अन्य बागी सांसदों के साथ स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा कि वे सांसद के रूप में एनडीए का समर्थन करेंगे.
सुदीप बंदोपाध्याय के पार्टी छोड़ने के बाद उनकी विधायक पत्नी नयना बंदोपाध्याय की राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चा होने लगी. कई नेताओं-कार्यकर्ताओं ने कहा कि नयना अपनी राहें TMC से अलग कर लेंगी.
लेकिन नयना ने इन सारी अटकलों को खारिज किया है. नयना ने कहा है कि वे ममता बनर्जी के साथ ही रहेंगी.
नयना ने कहा कि उनके पार्टी छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं उठता. उन्होंने ममता को अपना नेता मान लिया है. यह बात उनके लिए बिल्कुल सच है. उन्होंने तो यहां तक दावा किया कि अगर ममता बनर्जी उन्हें छोड़ भी दें, तो भी वे उन्हें नहीं छोड़ेंगी.
नयना बनर्जी के शब्दों में, 'मैं दीदी के साथ दृढ़ता से जुड़ी हुई हूं. वह मुझे छोड़ सकती हैं, लेकिन मैं उन्हें नहीं छोड़ूंगी. मैं उन्हें कैसे छोड़ सकती हूं जिन्हें मैंने अपनी दुर्गा कहा है? दीदी मुझे छोड़ सकती हैं, लेकिन मैं उनका साथ कभी नहीं छोडूंगी.'
नैना बंदोपाध्याय ने बताया कि पार्टी के कुछ लोगों ने उन पर हमला किया है. वह इससे स्तब्ध हैं. उन्होंने कहा, "पार्टी के कुछ साथियों द्वारा किए गए व्यक्तिगत हमलों से मुझे बहुत दुख पहुंचा है. मैंने इस बारे में पार्टी सुप्रीमो से शिकायत भी की है."
इधर सुदीप बंदोपाध्याय ने अपनी पत्नी नयना के बारे में कहा कि उन्होंने अपनी पत्नी को मनाने की कोशिश की, हालांकि नयना ने पाला नहीं बदला. और वह TMC में ही रहीं, अपने बयान के समर्थन में उन्होंने एक ही परिवार के कई सदस्यों के उदाहरण भी दिए, जिन्होंने अलग-अलग पार्टियों में राजनीति की.
इंद्रजीत कुंडू