सीएम शुभेंदु ने चिकन नेक की 121 हेक्टेयर जमीन BSF को सौंपी, बांग्लादेश सीमा पर जल्द होगी फेंसिंग

पश्चिम बंगाल सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग तेज करने के लिए BSF को चिकन नेक इलाके की 121 हेक्टेयर जमीन सौंप दी है. इसके अलावा सीमावर्ती जिलों में भी जमीन ट्रांसफर की गई है. गृह मंत्री अमित शाह ने इस तेज प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सराहना की.

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गृह मंत्री अमित शाह ने जमीन ट्रांसफर के ऐतिहासिक फैसले पर मुख्यमंत्री को सराहा (Photo: PTI) गृह मंत्री अमित शाह ने जमीन ट्रांसफर के ऐतिहासिक फैसले पर मुख्यमंत्री को सराहा (Photo: PTI)

जितेंद्र बहादुर सिंह

  • गुजरात,
  • 28 मई 2026,
  • अपडेटेड 6:12 PM IST

पश्चिम बंगाल की बीजेपी सरकार ने भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर बड़ा कदम उठाया. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चिकन नेक इलाके की 121 हेक्टेयर जमीन सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपी. इसके अलावा, नौ सीमावर्ती जिलों में भी BSF को कुल 142.79 एकड़ जमीन ट्रांसफर की गई, जिसका इस्तेमाल बॉर्डर आउटपोस्ट और फेंसिंग से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए किया जाएगा. राज्य सरकार के इस फैसले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री की सराहना की.

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दरअसल, यह फैसला राज्य की भाजपा सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग का हिस्सा है, जो 11 मई को हुई थी. इस बैठक में तय किया गया था कि बॉर्डर फेंसिंग और उससे जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए 45 दिनों के भीतर 600 एकड़ जमीन ट्रांसफर की जाएगी. इसी कड़ी में कार्रवाई तेज करते हुए अब BSF को जमीन का बड़ा हिस्सा सौंप दिया गया है, ताकि सीमा पर सुरक्षा को अभेद्य बनाया जा सके.

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस पूरे फैसले की जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि चिकन नेक की जमीन के साथ-साथ राज्य के नौ सीमावर्ती जिलों में भी BSF को कुल 142.79 एकड़ जमीन ट्रांसफर कर दी गई है. इस जमीन का इस्तेमाल बॉर्डर पर नए आउटपोस्ट बनाने और फेंसिंग का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए किया जाएगा. 

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सुरक्षा के लिहाज से क्यों अहम है चिकन नेक?

पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश के साथ करीब 2,217 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है. यह देश में किसी भी राज्य की सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है. इसमें से लगभग 1,600 किलोमीटर इलाके में पहले ही फेंसिंग का काम पूरा हो चुका है, लेकिन करीब 600 किलोमीटर हिस्सा अब भी पूरी तरह खुला हुआ है. इसी खुले हुए हिस्से से होने वाली गैरकानूनी घुसपैठ और तस्करी को रोकने के लिए सरकार ने यह सख्त प्रशासनिक कदम उठाया है. सरकार का मानना है कि इस संवेदनशील हिस्से में सुरक्षा ढांचे को मजबूत किए बिना घुसपैठ पर लगाम कसना मुमकिन नहीं है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सीमा से सटे नौ जिलों में BSF को जमीन दी गई है. इनमें कूचबिहार में 22.92 एकड़, जलपाईगुड़ी में 35.16 एकड़, दार्जिलिंग में 8.81 एकड़, उत्तर दिनाजपुर में 2.84 एकड़ और दक्षिण दिनाजपुर में 20.17 एकड़ जमीन शामिल है. इसके अलावा, मालदा में 10.9 एकड़, मुर्शिदाबाद में 38.8 एकड़, नादिया में 0.55 एकड़ और उत्तर 24 परगना में 2.6 एकड़ जमीन ट्रांसफर की गई है. इससे पहले चरण में पांच जिलों में 43 एकड़ जमीन खरीदी गई थी, जिसके बाद 20 मई को भी 31.9 एकड़ जमीन के आदेश BSF को सौंपे गए थे.

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इसी खुले हिस्से को बंद करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल सरकार के कदम की सराहना की. अमित शाह के मुताबिक, चुनाव के दौरान सत्ता में आते ही फेंसिंग का काम शुरू करने का वादा किया गया था. महज सात दिनों के भीतर चिकन नेक की 121 हेक्टेयर भूमि BSF को सौंपने के इस बड़े कार्य के लिए गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री शुभेंदु को बधाई भी दी. इस रणनीतिक इलाके के अलावा अन्य सीमावर्ती जिलों में भी जमीन ट्रांसफर की प्रक्रिया काफी तेज रही. सरकार के इस बड़े फैसले से आने वाले दिनों में भारत-बांग्लादेश सीमा पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगी.

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