कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन बैंक खातों में लेन-देन सामान्य करने का आदेश दिया है. अदालत ने इन खातों पर नजर रखने के लिए एक स्पेशल ऑफिसर भी नियुक्त किया है. अदालत ने ये अंतरिम व्यवस्था आगामी 30 सितंबर तक जारी रखने का आदेश दिया है, ताकि राजनीतिक दल को सुचारू रूप से चलाने के लिए रोजमर्रा के जरूरी खर्च किए जा सकें.
कलकत्ता हाईकोर्ट की जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल बेंच ने TMC के तीन फ्रीज किए गए बैंक खातों में सीमित और सामान्य लेनदेन को फिर से बहाल करने का निर्देश दिया है. अदालत ने ये अंतरिम व्यवस्था आगामी 30 सितंबर तक जारी रखने का आदेश दिया है.
रोजमर्रा के खर्चों के लिए ही मिलेगी अनुमति
अदालत ने कहा कि बैंक खातों से होने वाला ये वित्तीय लेनदेन केवल राजनीतिक दल को चलाने के लिए होने वाले रोजमर्रा (डे-टू-डे) के खर्चों के लिए ही सीमित रहेगा, जैसा कि टीएमसी द्वारा अपने पूरक हलफनामे में बताया है. नियुक्त विशेष अधिकारी जस्टिस सुब्रत तालुकदार इसके अलावा किसी भी अन्य प्रकार के बाहरी खर्च या भुगतान की अनुमति नहीं देंगे.
कोर्ट ने खर्च की निगरानी करने के लिए रिटायर्ट जज जस्टिस सुब्रत तालुकदार को स्पेशल ऑफिसर नियुक्त किया है. वह तृणमूल कांग्रेस के दो जिम्मेदार अधिकारियों के चेक पर हस्ताक्षर के आधार पर पैसे खर्च करने की अनुमति देंगे.
कोर्ट ने जताई आपत्ति
सुनवाई के दौरान बेंच ने शिकायतकर्ता से बेहद प्रासंगिक सवाल पूछे कि उन्होंने 4 मई से पहले इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत क्यों नहीं दर्ज कराई थी. अदालत ने नोट किया कि शिकायतकर्ता ने स्वयं इन खातों से पैसे स्वीकार किए थे और चुनाव लड़कर विधायक (MLA) के रूप में निर्वाचित हुए थे. इसके अलावा कोर्ट ने पुलिस से भी कड़े सवाल किए कि खातों को फ्रीज करने के पीछे आखिर कौन से आपत्तिजनक डॉक्यूमेंट्स मौजूद थे.
क्या बोले TMC के वकील
TMC के वकील अर्क कुमार नाग ने अदालती आदेश की जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी के खातों से आवश्यक खर्चों की अनुमति दी गई है. ये सभी जरूरी भुगतान कोर्ट के समक्ष हलफनामे के माध्यम से घोषित किए जा चुके हैं. राजनीतिक दल के खातों के वर्तमान हस्ताक्षरकर्ताओं द्वारा चेक प्रस्तुत किए जाने पर विशेष अधिकारी की देखरेख में ये पूरी वित्तीय व्यवस्था संचालित की जाएगी.
इंद्रजीत कुंडू