पश्चिम बंगाल के बरूईपुर में रेप और हत्या के मामले को लेकर राज्य की सियासत जारी है. इस घटना पर आरजी कर रेप पीड़िता की मां और पानीहाटी से BJP विधायक रत्ना देबनाथ का भी गुस्सा फूट पड़ा है. उन्होंने पश्चिम बंगाल के मौजूदा हालातों और पूर्ववर्ती सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं.
रत्ना देबनाथ ने कहा, 'मैंने एक बार फिर वही क्रूर घटना देखी है. मैं हमेशा यही कहती थी कि किसी भी मां-बाप या किसी भी बेटी को ऐसा दर्द न झेलना पड़े, लेकिन ये दोबारा हो गया. ये बेहद दुखद है, खासकर मेरे लिए ये दर्द और भी बड़ा है.'
बीजेपी विधायक ने आगे बताया कि वो कल पूरी रात ये सोचकर रोती रही कि एक और मां-बाप को अपनी बेटी का ऐसा भयानक अंत देखना पड़ा. उन्होंने आगे कहा कि राज्य में अब नई सरकार आ चुकी है और न्याय जरूर मिलेगा.
रत्ना देबनाथ ने कहा, 'नई सरकार आई है और न्याय होगा. न्याय पहले जैसा नहीं होगा. ऐसे अपराधों को सख्ती से कुचला जाएगा. लेकिन माता-पिता को क्या मिलेगा? माता-पिता जो खालीपन छोड़ गए थे, वो खाली ही रहेगा. मुझे अपनी बेटी के लिए भी न्याय मिलेगा, लेकिन जब लड़की घर आएगी तो मुझे क्या मिलेगा? लड़की अब मुझे मम्मी-पापा नहीं कहेगी.'
'पिछली सरकारों ने शराब और जुए को बढ़ावा दिया'
देबनाथ ने राज्य की तत्कालीन सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं आखिर क्यों हो रही हैं? उन्होंने कहा, 'ये तृणमूल सरकार और इससे पहले जो भी सरकारें रहीं, उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा पर ध्यान देने के बजाय युवाओं के बीच जुए और शराब को बढ़ावा दिया. इसी का नतीजा है कि आज समाज में ये सब हो रहा है.'
संदिग्ध की हत्या पर दी प्रतिक्रिया
बरूईपुर दुष्कर्म मामले में एक संदिग्ध की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी. इसे लेकर देबनाथ ने कहा, 'आरजी कर कांड के बाद लोग इतने आक्रामक हो चुके हैं कि उन्होंने उसे छोड़ा नहीं. लोगों को लगा होगा कि अगर इसे छोड़ दिया तो ये भाग जाएगा या कुछ और हो जाएगा. इसलिए भीड़ ने उसे मार डाला, लेकिन ये तरीका सही नहीं है. हमें काम प्रशासन को सौंपना चाहिए. हम कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकते, अब एक सरकार मौजूद है.'
बीजेपी नेता की संलिप्तता के आरोपों पर पलटवार
जब उनसे इस मामले में स्थानीय बीजेपी नेता के शामिल होने के आरोपों पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'वो खुद को बीजेपी समर्थक कैसे कह सकता है? जब 4 तारीख को बीजेपी जीती, तो तृणमूल के सभी लोग रातों-रात भाजपाई बन गए. अगर आज कोई अचानक मेरे पास आकर खड़ा हो जाए, तो मैं नहीं समझ सकती कि वो कौन है. लेकिन असलियत ये है कि वो पहले तृणमूल में थे और अब बीजेपी में आ गए हैं.'
ममता बनर्जी पर अपराधियों को छिपाने का आरोप
ममता बनर्जी को प्रभावित इलाके में जाने से रोके जाने पर रत्ना देबनाथ ने पुलिस के फैसले का समर्थन किया. उन्होंने कहा, 'पुलिस ने उन्हें वहां न जाने देकर बिल्कुल सही किया. अगर वो वहां जातीं तो क्या करतीं? शायद अपराधियों को पैसे दे देतीं या माता-पिता को कुछ पैसे देकर अपराधियों को बचा लेतीं. वो लंबे समय से यही करती आई हैं. मेरी बेटी के मामले में भी कुछ अलग नहीं था.'
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देबनाथ ने आगे कहा, 'वो (ममता बनर्जी) खुद स्वास्थ्य मंत्री थीं, फिर उन्होंने न्याय क्यों नहीं दिया? उन्होंने अपराधियों को क्यों छिपाया? कुछ सिविक वॉलंटियर्स को बचाने के लिए जनता के टैक्स के करोड़ों रुपये क्यों खर्च किए गए? इस पर कोई विश्वास नहीं करता. इस बार निश्चित रूप से सजा होगी.'
इंद्रजीत कुंडू