बरुईपुर रेप-मर्डर केस पर सियासी घमासान, कैंडल मार्च में शामिल हुईं ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल में एक बच्ची के रेप और मर्डर केस ने सियासी रंग ले लिया है. पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कैंडल मार्च में शामिल हुईं. TMC ने आरोप लगाया कि उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने जाने से रोका गया. पुलिस ने तीन FIR दर्ज कर कार्रवाई तेज कर दी है.

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बरुईपुर केस पर गरमाई सियासत, 'हाउस अरेस्ट' के बीच सड़क पर उतरीं ममता. (Photo: PTI) बरुईपुर केस पर गरमाई सियासत, 'हाउस अरेस्ट' के बीच सड़क पर उतरीं ममता. (Photo: PTI)

इंद्रजीत कुंडू

  • कोलकाता,
  • 06 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:40 PM IST

पश्चिम बंगाल के बरुईपुर में हुए रेप और मर्डर केस को लेकर सियासी घमासान बढ़ता जा रहा है. एक तरफ पुलिस जांच में तेजी का दावा कर रही है, तो दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस (TMC) भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगा रहा है. सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता में घटना के विरोध में निकाले गए कैंडल मार्च में शामिल हुईं.

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ममता बनर्जी सोमवार की सुबह उस समय बाहर आईं, जब बरुईपुर जाकर लौटे TMC प्रतिनिधिमंडल ने उनके आवास पर मुलाकात की. इससे पहले रविवार को ममता बनर्जी ने दावा किया था कि उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया है और राज्य सरकार ने उन्हें बरुईपुर जाने की अनुमति नहीं दी, जबकि वो पीड़िता के परिवार से मिलना चाहती थीं.

बरुईपुर पहुंचे TMC प्रतिनिधिमंडल में डोला सेन, प्रतिमा मंडल और बिमान बनर्जी शामिल थे. प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात करके घटना की जानकारी ली. TMC का कहना है कि पार्टी इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है. इस मामले पर TMC सांसद सौगत रॉय ने भी ममता बनर्जी के समर्थन में बयान दिया. 

उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी रविवार को पीड़िता के घर जाना चाहती थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी. आज MLA और MP वाला TMC का एक प्रतिनिधि वहां पहुंचा. उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है. TMC पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है." उधर, पुलिस ने मामले में कार्रवाई तेज करते हुए तीन अलग-अलग FIR दर्ज की हैं. 

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इनमें मर्डर, मॉब लिंचिंग और पुलिस पर हमले से जुड़े मामले शामिल हैं. जांच के दौरान स्थानीय आरोपी शांतनु मंडल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया. इसके साथ ही अब तक दो लोगों की गिरफ्तारी और तीन लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है. स्थिति को देखते हुए पूरे इलाके में धारा 163 भी लागू की गई है.

इधर, घटना को लेकर राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है. ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बाहर भारी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई. TMC नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ममता को बरुईपुर जाने से रोकने के लिए उन्हें हाउस अरेस्ट किया गया. इस मुद्दे पर पार्टी ने विरोध प्रदर्शन भी किया.

बरुईपुर कांड पर विपक्षी दल भी सक्रिय हो गए हैं. CPIM नेता सुजन चक्रवर्ती के नेतृत्व में उनके दल का एक प्रतिनिधिमंडल भी पीड़िता के घर पहुंचा. परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली. इस बीच पूरे मामले ने बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है. पुलिस जांच, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब कार्रवाई पर नजर है.

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