अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले में 5 गिरफ्तार, हुगली में सड़क पर उतरी TMC... दिलीप घोष बोले- वे हीरो बनने क्यों गए?

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमला करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच स्थानीय लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. इस बीच अपमानजनक घटना के विरोध में हुगली के चुंचुड़ा में तृणमूल कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर जबरदस्त प्रदर्शन किया.

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सोनारपुर में हमले के बाद सुरक्षा घेरे में निकले टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी (Photo: PTI) सोनारपुर में हमले के बाद सुरक्षा घेरे में निकले टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी (Photo: PTI)

तपस सेनगुप्ता

  • कोलकाता,
  • 31 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:25 AM IST

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ कथित दुर्व्यवहार और हमले के मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस का कहना है कि ये सभी स्थानीय लोग हैं, जिन्होंने सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी की यात्रा के दौरान उनका विरोध किया और उनसे गाली-गलौज की. वहीं, अभिषेक बनर्जी के कथित हमले के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं, जबकि बीजेपी सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि चुनाव परिणामों को देखते हुए आपको(अभिषेक बनर्जी) स्थिति को समझ जाना चाहिए था. क्यों आप हीरे बनने के लिए वहां गए?.

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सोनारपुर पुलिस ने बताया कि टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के सोनारपुर दौरे के दौरान उन पर हुए कथित हमले और दुर्व्यवहार के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बीते कल पांच स्थानीय आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में सोनारपुर पुलिस स्टेशन में एक विशिष्ट मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने इन स्थानीय लोगों को दबोचा, जिन्होंने अभिषेक बनर्जी का घेराव किया था.

सड़कों पर उतरी TMC

उधर, अभिषेक बनर्जी के कथित हमले के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं. हुगली जिले के चुंचुड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. पूर्व तृणमूल विधायक असित मजूमदार ने पिपुलपाती मोड़ पर सड़क जाम कर धरना दिया. प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया.

असित मजूमदार ने कहा कि अत्याचार का सामना कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन में जाने पर अभिषेक बनर्जी को कथित रूप से अपमानित किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ऊपर अंडे और जूते फेंके गए, जिसके विरोध में तृणमूल कांग्रेस सड़क पर उतरी है.
बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक का ये प्रदर्शन पहले से निर्धारित था, जहां वह पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले थे. इसी के तहत उन्होंने जोलाघाट से बीरपाती तक पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ रैली निकाली. रैली के दौरान उन्हें अभिषेक बनर्जी के साथ कथित दुर्व्यवहार की सूचना मिली. इसके बाद असित मजूमदार अपने समर्थकों के साथ चुंचुड़ा के पिपुलपाती मोड़ पर धरने पर बैठ गए.

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टीएमसी नेता का धरने की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया और यातायात को सामान्य कराया. घटना को लेकर क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बना हुआ है.

क्यों हीरो बनने गए वहां

इसके साथ ही अभिषेक पर हुए हमले के बाद राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है. पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले पर कहा, 'अभिषेक बनर्जी के साथ जो हुआ है वो नहीं होना चाहिए था. कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है, लेकिन पिछले 15 साल से जनता जो सहन कर रही है. एक-एक व्यक्ति को परेशान किया गया... जनता के अंदर का जो रोष है वो कहीं न कहीं तो दिखेगा ही... चुनाव परिणामों को देखते हुए आपको(अभिषेक बनर्जी) स्थिति को समझ जाना चाहिए था. क्यों आप हीरे बनने के लिए वहां गए?... जो व्यक्ति 22 गाड़ियों का काफिला लेकर घूमता रहा यदि वो ऐसे हीरो बनने का प्रयास करेगा तो क्या होगा? ... जनता ने सब देखा है और वो केवल अवसर ढूंढ रहे थे. आप(अभिषेक बनर्जी) लोगों को अवसर ही क्यों दे रहे हैं?...'

'अगर TMC सत्ता में आ गई होती तो...'

इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए समिक भट्टाचार्य ने कहा कि इस तरह की घटना स्वस्थ समाज के लिए सही नहीं हैं. चुनाव परिणाम ने स्पष्ट कर दिया है कि एरोगेंस और एक दलीय तंत्र ज़्यादा दिनों तक नहीं चल सकता. किसी को रोष हो सकता है, गुस्सा हो सकता है. पर इस तरह की घटना जो कर रहे हैं, वो स्वस्थ समाज के लिए सही नहीं है. इस घटना के साथ सारी पार्टी दूर-दूर तक जुड़ी हुई नहीं हैं.

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उन्होंने कहा कि पुलिस क्यों नहीं आई, पुलिस क्यों नहीं थी, ये मैं नहीं बता सकता, ये राज्य सरकार बता सकती है. लेकिन हमारे कार्यकर्ताओं पर जिस तरीके से कुछ दिनों में अत्याचार हुआ है. शुभेंदु अधिकारी जब विरोधी दल के नेता थे, तब उनको गाड़ी में जिंदा जला देने की कोशिश हुई. जगह-जगह हमारे कार्यकर्ताओं पर अत्याचार हुआ. हमारे चार अध्यक्षों पर इसी दक्षिण 24 परगना जिले में हमला हुआ. बीजेपी की वजह से ही टीएमसी के नेता और सांसद अब तक अक्षत हैं, अगर टीएमसी सत्ता में आ गई होती तो अब तक हमारे 500 कार्यकर्ता मारे जा चुके होते.

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