कौन हैं IPS मोहित गुप्ता? जिन पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने लगाया बदसलूकी का आरोप

मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच हुए टकराव के बाद आईपीएस मोहित गुप्ता चर्चा में हैं. शंकराचार्य ने उन पर बाल बटुकों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है. वर्तमान में मोहित गुप्ता उत्तर प्रदेश शासन में गृह सचिव के पद पर तैनात हैं.

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IPS मोहित गुप्ता और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Photo- ITG) IPS मोहित गुप्ता और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Photo- ITG)

संतोष शर्मा

  • प्रयागराज ,
  • 22 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:18 PM IST

उत्तर प्रदेश कैडर के 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी मोहित गुप्ता वर्तमान में शासन में गृह सचिव हैं. मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज माघ मेले में उनकी पत्नी और प्रयागराज की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के साथ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की तीखी बहस हुई थी. इस घटना के दौरान धक्का-मुक्की की तस्वीरें सामने आने के बाद शंकराचार्य ने मोहित गुप्ता पर बाल बटुकों की चोटी पकड़कर पीटने का आरोप लगाया है. दिल्ली के रहने वाले मोहित गुप्ता कंप्यूटर साइंस से इंजीनियर हैं और पूर्व में जम्मू कैडर से यूपी कैडर में आए थे.

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इंजीनियर से आईपीएस और जिलों की कप्तानी

मोहित गुप्ता की पहचान एक तेजतर्रार लेकिन कम कार्यकाल वाले अधिकारी के रूप में रही है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत सिद्धार्थ नगर के कप्तान के तौर पर 2011 में की थी. इसके बाद वह एटा, चित्रकूट, बहराइच, रायबरेली और अलीगढ़ जैसे महत्वपूर्ण जिलों के कप्तान रहे.

दिलचस्प बात यह है कि फैजाबाद को छोड़कर, जहां वह एक साल से अधिक समय तक रहे, अधिकांश जिलों में उनका औसत कार्यकाल चार महीने से भी कम रहा है. गोंडा में तो वह महज 15 दिन ही कप्तान रह पाए थे.

सीबीआई से वापसी और गृह विभाग की जिम्मेदारी

मोहित गुप्ता ने सुरक्षा मुख्यालय और 112 कंट्रोल रूम में अपनी सेवाएं देने के बाद 2018 से 2024 तक सीबीआई में 6 साल का लंबा डेपुटेशन पूरा किया. अक्टूबर 2024 में वापसी के बाद सरकार ने उन्हें आईजी वाराणसी रेंज की कमान सौंपी. करीब 7 महीने वाराणसी में रहने के बाद 5 मई 2025 को उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग में सचिव नियुक्त किया गया. उनकी पत्नी सौम्या अग्रवाल वर्तमान में प्रयागराज की कमिश्नर के तौर पर तैनात हैं.

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शंकराचार्य के गंभीर आरोप और वर्तमान स्थिति

मौनी अमावस्या की घटना के बाद से ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठे हैं. उन्होंने सार्वजनिक रूप से मोहित गुप्ता का नाम लेते हुए कहा कि अधिकारियों ने मर्यादा का उल्लंघन किया है. सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में गृह सचिव और मंडलायुक्त को शंकराचार्य के साथ बहस करते देखा गया.  

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