'किसानों की खुशहाली में आया दोगुना का अंतर', यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही का दावा

यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दावा किया है कि 2014 के मुकाबले किसानों की खुशहाली में दोगुना का अंतर आया है. उन्होंने यह भी कहा है कि कई फसलों पर एमएसपी भी करीब-करीब दोगुनी हो गई है.

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गन्ने की एमएसपी पर बोले सूर्य प्रताप शाही- सवाल गन्ना मूल्य भुगतान का था (Photo: ITG) गन्ने की एमएसपी पर बोले सूर्य प्रताप शाही- सवाल गन्ना मूल्य भुगतान का था (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 5:24 PM IST

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि 2016 के मुकाबले खाद्यान्न उत्पादन 42 फीसदी बढ़ा है. आज उत्तर प्रदेश इस मामले में नंबर वन राज्य है. उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में सरकार बनने के बाद कृषि क्षेत्र को लेकर कई योजनाएं बनाई गईं. यूपी के कृषि मंत्री ने कहा कि किसान और कृषि को मजबूत करने के लिए जो योजनाएं चल रही हैं, यूपी इस मामले में देश में शीर्ष पर है. वह मंगलवार को यूपी की राजधानी लखनऊ में आजतक के विकसित उत्तर प्रदेश समिट के मंच पर थे.

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उन्होंने पर कैपिटा इनकम का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों की खुशहाली में दोगुना का अंतर आया है. खेती की जमीन हर साल घटती रही है, लेकिन हमारी प्रोडक्टिविटी हर फसल में बढ़ी है. सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि 2014 के मुकाबले देखें तो हर फसल की एमएसपी करीब-करीब दोगुनी हो गई है. उन्होंने गन्ना की खेती का क्षेत्रफल बढ़ने की जानकारी दी और एमएसपी पर कहा कि सवाल गन्ना मूल्य बढ़ाने का नहीं था, सवाल भुगतान का था. जब हमारी सरकार बनी थी, साढ़े आठ हजार करोड़ का गन्ना मूल्य बकाया था.

सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि आज हमने 34 हजार करोड़ से अधिक का गन्ना पेरा है और 32 हजार करोड़ से ज्यादा का भुगतान कर दिया है. यह बदलाव है. उन्होंने गेहूं, धान की एमएसपी और खरीदारी के आंकड़ों का उल्लेख किया और कहा कि पीएम मोदी ने जो तीन कानून बनाए थे, वह किसान हितैषी थे. सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मोदी सरकार ने दाल और तिलहन में आय दोगुनी से ज्यादा कर दिया है. किसानों के लिए मोदी सरकार फर्टिलाइजर पर दो हजार करोड़ रुपये सब्सिडी पर खर्च कर रही है.

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उन्होंने कहा कि हमारे देश में यूरिया या डीएपी का मैटेरियल नहीं बनता. बहुत सारा हम आयात करते हैं. फर्टिलाइजर को लेकर यूपी में समस्या के सवाल पर कृषि मंत्री ने कहा कि परेशानी कुछ नहीं है. केवल लोगों को गुमराह किया जा रहा है. 16 लाख मीट्रिक टन यूरिया हमने किसानों को उपलब्ध कराई है. योगी सरकार ने पैक्स सोसाइटियों को जिंदा किया है. उन्होंने कहा कि हमने समितियों को तीन साल पहले पांच-पांच लाख रुपये वर्किंग कैपिटल दिए. सारे कोऑपरेटिव बैंक और सोसाइटियों को घुन जैसे चाटा.

यूपी के 23 में से 21 कोऑपरेटिव बैंक मुनाफे में

यूपी के कृषि मंत्री ने कहा कि 23 में से 21 कोऑपरेटिव बैंक आज मुनाफे में चल रहे हैं. किसानी को लेकर सवाल पर उन्होंने कहा कि यूपी में चार योजनाएं चल रही है. एक योजना यूपी निशुल्क दलहन की योजना. हम जब आए थे, तब के मुकाबले पिछले साल दो सौ प्रतिशत से ज्यादा तिलहन उत्पादन किया. निशुल्क तिलहन योजना शूरू किया. सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि हम किसानों को निशुल्क किट दे रहे हैं. आलू से लेकर धान तक, सबसे अधिक उत्पादन वाला राज्य यूपी है.

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उन्होंने सब्जियों से बाजरा तक, खेती के क्षेत्रफल में इजाफा का जिक्र किया और कहा कि त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के तहत हमने मक्के की खेती शुरू कराई. मक्के पर आज एथेनॉल की कई फैक्ट्रियां यूपी में लग गईं. कृषि मंत्री ने कहा कि योगी सरकार आई थी, तब 116 चीनी मिलें चल रही थीं. आज चीनी मिलों की संख्या बढ़कर 122 हो गई है. हमारी रिकवरी दो परसेंट बढ़ी है. उन्होंने कहा कि जब सरकार आई थी, तब बजट ही दो लाख करोड़ के करीब था. इस बार आठ लाख करोड़ से अधिक का बजट योगी सरकार ने पेश किया. यूपी बीमारू राज्य था. आज उत्तर प्रदेश सरप्लस स्टेट बन गया है.

जीएसटी रिफॉर्म का फायदा हर एक नागरिक को

यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने केंद्र सरकार की ओर से प्रकाशित आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि हमने सरप्लस के मामले में गुजरात को पीछे छोड़ दिया है. उन्होंने जीएसटी को लेकर सवाल पर कहा कि पहले 40 से 50 परसेंट तक ड्यूटी आ जाती थी. जीएसटी का जो रिफॉर्म 22 तारीख से लागू है, उसका फायदा हर एक आदमी को मिलने वाला है. बहुत से आइटम को सरकार ने टैक्स के दायरे से बाहर कर दिया है. कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि पर टैक्स के दो स्लैब चलते थे. यूपीए के जमाने में टैक्स 42-43 परसेंट तक लगता था.

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उन्होंने ट्रैक्टर से कम्बाइन तक, खरीद पर किसानों को होने वाली बचत का उल्लेख किया और कहा कि अब उस कम्बाइन की खरीद पर सवा लाख रुपये का फायदा किसानों को होगा. सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि रासायनिक खाद का इस्तेमाल कम से कम हो. देश को स्वावलंबी बनाना है, तो प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना होगा. उन्होंने कहा कि आज यूपी हर साल बड़ी संख्या में डॉक्टर तैयार कर रहा है. हम सबकी जिम्मेदारी है कि आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ बनाएं.

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