'पिंकी बेटी नहीं रही...' विमान हादसे की खबर सुन बिलख पड़ीं दादी, 2 महीने पहले जौनपुर आई थी फ्लाइट अटेंडेंट

बारामती में हुए विमान हादसे में उप मुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें जौनपुर की फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली भी शामिल थीं. हादसे से परिवार में कोहराम मच गया. दादी और परिजन गहरे सदमे में हैं. हादसे से एक दिन पहले पिता से उनकी बातचीत हुई थी. पिंकी की जीवन कहानी संघर्ष, मेहनत और संयोगों से भरी रही.

Advertisement
अजित पवार के साथ पिंकी माली का भी निधन हो गया. Photo ITG अजित पवार के साथ पिंकी माली का भी निधन हो गया. Photo ITG

आदित्य प्रकाश भारद्वाज

  • जौनपुर,
  • 29 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:59 AM IST

महाराष्ट्र के बारामती में हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया. इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार सहित विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें यूपी के जौनपुर की पिंकी माली भी शामिल थीं. फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली जौनपुर के केराकत तहसील के भैंसा गांव की रहने वाली थीं. हादसे की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. आजतक से बातचीत में पिंकी की दादी फूट-फूटकर रोने लगीं. उन्होंने कहा कि बेटे से मेरी बात हुई, बेटे ने कहा कि पिंकी बेटी अब नहीं रही. ये बताते दादी की आंखें भर आईं और वह रोनें लगीं. 

Advertisement

पिंकी के चाचा चंद्रभूषण माली ने बताया कि पिंकी काफी होनहार बच्ची थी. वह 2 महीने पहले घर पर आई थी. चाचा ने बताया कि पिंकी माली की शिक्षा मुंबई में हुई.

जौनपुर अपने घर जाती थी पिंकी

अपना दल के राष्ट्रीय सचिव पप्पू माली ने बताया कि पिंकी के पिता शिवकुमार माली पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे. पिंकी का पूरा परिवार मुंबई में रह रहा था, हालांकि उनका जौनपुर आना-जाना बना रहता था. पिंकी की शादी करीब पांच से छह साल पहले हुई थी.

मंगलवार को फोन पर हुई थी बात

पिंकी के पिता ने बताया कि मंगलवार को उनकी बेटी से फोन पर बात हुई थी. उस दौरान पिंकी ने कहा था कि वह अजित दादा के साथ बारामती जा रही है और वहां से नांदेड़ जाएगी. किसी को अंदाजा नहीं था कि यह बातचीत आखिरी साबित होगी. शिवकुमार माली के अनुसार, पिंकी पिछले करीब पांच वर्षों से प्राइवेट चार्टर्ड फ्लाइट में अपनी सेवाएं दे रही थीं. इससे पहले वह एयर इंडिया में कार्यरत थीं, बाद में उन्होंने प्राइवेट एविएशन सेक्टर में काम करना शुरू किया.

Advertisement

संघर्ष और संयोग से भरी पिंकी की जिंदगी

बारामती विमान हादसे में जान गंवाने वाली पिंकी माली की जीवन कहानी संघर्ष और इत्तेफाक से जुड़ी रही. उनके पिता शिवकुमार माली कभी दिल्ली के एयरपोर्ट पर काम करते थे, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह के विमान से जुड़ी एक छोटी सी चूक के कारण उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ा था. इसके बाद वे राजनीति में सक्रिय हुए और बाद में शिवसेना (शिंदे गुट) से जुड़ गए.

पिता की सलाह और प्रेरणा पर ही पिंकी ने मॉडलिंग के विकल्प को छोड़कर एविएशन सेक्टर को अपना करियर बनाया. शिवकुमार माली बताते हैं कि यह अजित पवार के साथ पिंकी की चौथी उड़ान थी. मंगलवार रात भी पिंकी ने घर पर फोन कर अपनी यात्रा की जानकारी दी थी. जैसे ही विमान हादसे की खबर सामने आई, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »