सैलरी घटी, ड्यूटी बढ़ी, छुट्टियां हुईं कम... राम मंदिर के 24 कर्मचारियों के सामूहिक इस्तीफे की Inside Story

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बीच पैसा गिनने वाले करीब 24 कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया. कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी ड्यूटी 6 घंटे से बढ़ाकर 9 घंटे कर दी गई, सैलरी घटाई गई और छुट्टियां भी कम कर दी गईं. सुबह केवल करीब 12 कर्मचारी ही ड्यूटी पर पहुंचे. अब नए कर्मचारियों की भर्ती और कड़े सत्यापन की तैयारी की जा रही है.

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राम मंदिर के 24 कर्मचारियों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया (Photo: Rajesh Kumar Singh) राम मंदिर के 24 कर्मचारियों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया (Photo: Rajesh Kumar Singh)

आशीष श्रीवास्तव

  • अयोध्या ,
  • 10 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:58 AM IST

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच के बीच अब मंदिर की पूरी कार्यप्रणाली भी बदलने लगी. इसी बदलाव का सबसे बड़ा असर अब उन कर्मचारियों पर दिखाई दे रहा है, जो रोज़ श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गिनती का काम करते थे. एक ओर जहां उनके ड्यूटी के घंटे बढ़ा दिए गए हैं वही सैलरी भी कम कर दी गई है. इतना ही नहीं छुट्टियां भी कम हो गई है. इस बदले काम के तरीके के बीच करीब दो दर्जन कर्मचारियों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है. 

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दो शिफ्ट की जगह एक, बढ़ गया काम का दबाव

कर्मचारियों का कहना है कि पहले चढ़ावे की गिनती का काम दो शिफ्टों में होता था. इससे काम का बंटवारा रहता था और हर कर्मचारी की ड्यूटी लगभग छह घंटे की होती थी. लेकिन हाल के दिनों में व्यवस्था बदली गई. अब वही काम एक ही शिफ्ट में कराया जाने लगा. कर्मचारियों का आरोप है कि इससे उनकी ड्यूटी छह घंटे से बढ़कर करीब नौ घंटे हो गई, जबकि कर्मचारियों की संख्या भी पहले जैसी नहीं रही. उनका कहना है कि काम का दबाव बढ़ने के बावजूद सुविधाओं में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई.

सैलरी घटाने का आरोप

इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी मासिक सैलरी भी पहले की तुलना में कम कर दी गई. इतना ही नहीं, कर्मचारियों का कहना है कि एक ही तरह का काम करने वाले लोगों को अलग-अलग वेतन दिया जा रहा है, जिससे असंतोष और बढ़ गया. हालांकि इस संबंध में संबंधित एजेंसी या बैंक की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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छुट्टियों में भी कटौती का दावा

कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि मासिक अवकाश की संख्या कम कर दी गई है.   उनका कहना है कि पहले नियमित अवकाश मिलता था, लेकिन नई व्यवस्था में छुट्टियां घटा दी गईं. इससे लगातार लंबे समय तक काम करना पड़ रहा है. इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार अपनी समस्याएं संबंधित अधिकारियों के सामने रखीं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला. सूत्रों के अनुसार,  शाम ड्यूटी समाप्त होने के बाद कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराया. इसके बाद उन्होंने एसबीआई की तुलसी उद्यान शाखा और संबंधित सुरक्षा एजेंसी को अपना मांगपत्र और इस्तीफा सौंप दिया. कर्मचारियों का कहना है कि जब उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला, तब उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया.

अगले ही दिन कम हो गई कर्मचारियों की संख्या

सामूहिक इस्तीफे का असर अगले ही दिन दिखाई दिया. चढ़ावा गिनने के लिए केवल करीब एक दर्जन कर्मचारी ही ड्यूटी पर पहुंचे. इससे व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बनने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि मंदिर में चढ़ावे की गिनती का काम जारी रखा गया.

अब नए कर्मचारियों की होगी भर्ती

बैंक सूत्रों के अनुसार, इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों की जगह नए लोगों की भर्ती की जाएगी. लेकिन इस बार भर्ती पहले जैसी आसान नहीं होगी. चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद नए कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन, दस्तावेजों की जांच और पृष्ठभूमि की विस्तृत जांच की जाएगी. इसी वजह से पूरी प्रक्रिया में सामान्य से अधिक समय लग सकता है.

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चढ़ावा विवाद के बाद क्यों बदला पूरा सिस्टम?

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन, बैंक और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू की थी. सूत्रों के मुताबिक, इसी के बाद कार्यप्रणाली में कई बदलाव किए गए. माना जा रहा है कि निगरानी बढ़ाने, जवाबदेही तय करने और प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से ड्यूटी व्यवस्था में परिवर्तन किए गए. हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि इन बदलावों का सबसे ज्यादा असर उन पर पड़ा.

22 जुलाई की बैठक पर टिकी निगाहें

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 22 जुलाई को प्रस्तावित बैठक पहले से ही महत्वपूर्ण मानी जा रही है. सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में चढ़ावा प्रबंधन, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, प्रशासनिक सुधार और नई कार्यप्रणाली पर कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं. ऐसे में कर्मचारियों के सामूहिक इस्तीफे का मुद्दा भी अप्रत्यक्ष रूप से चर्चा का विषय बन सकता है. मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु चढ़ावा अर्पित करते हैं. ऐसे में उसकी गिनती, रिकॉर्डिंग और सुरक्षित जमा कराने की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है. अगर बड़ी संख्या में कर्मचारी एक साथ नौकरी छोड़ते हैं, तो नई भर्ती होने तक मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ सकता है. दूसरी ओर, जांच के बाद प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहता. इसलिए नए कर्मचारियों की नियुक्ति में जल्दबाजी के बजाय विस्तृत सत्यापन पर जोर दिया जा रहा है.

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