'मेरी नजर में वह निर्दोष और बेदाग', राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने किया चंपत राय का बचाव

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बाद हुई श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए. ट्रस्ट ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए. ट्रस्ट ने नए महासचिव की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने और वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने की बात कही. इसके अलावा कुछ भौतिक चढ़ावे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किए गए, जिनके चोरी होने की बात कही जा रही थी.

Advertisement
राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने चंपत राय का बचाव करते हुए उन्हें बेदाग और निर्दोष बताया. (File Photo) राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने चंपत राय का बचाव करते हुए उन्हें बेदाग और निर्दोष बताया. (File Photo)

aajtak.in

  • अयोध्या,
  • 06 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:13 PM IST

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को अहम बैठक हुई. अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद यह ट्रस्ट की पहली बैठक थी. राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने मीडिया को संबोधित करते हुए बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि चंपय राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा ट्रस्ट ने मंजूर कर लिया है. यह फैसला एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद लिया गया.

Advertisement

हालांकि, गोविंद देव गिरि ने पूर्व महासचिव चंपत राय का बचाव करते हुए कहा कि उनकी नजर में वह आज भी 'निर्दोष और बेदाग' हैं. उन्होंने कहा कि चंपत राय ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए स्वेच्छा से इस्तीफा दिया ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके. फिलहाल कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है. अयोध्या में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोविंद देव गिरि ने कहा कि चंपत राय ने राम मंदिर आंदोलन के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया है. 

चंपत राय की छवि पर कोई दाग नहीं

उन्होंने कहा, 'चंपत राय ने ऐसे समय से राम मंदिर आंदोलन के लिए काम किया जब इस प्रकार की कोई गतिविधि भी नहीं थी. उन्होंने वर्षों तक समर्पण के साथ काम किया है. मौजूदा परिस्थितियों में उन्होंने बेहद उदारता दिखाते हुए स्वेच्छा से इस्तीफा दिया, जिसे हमने स्वीकार किया.' गोविंद देव गिरि ने साफ कहा कि इस्तीफे के बावजूद उनके मन में चंपत राय की छवि पर कोई दाग नहीं है. उन्होंने कहा, 'मेरी नजर में वह पूरी तरह बेदाग हैं. उन्होंने राम मंदिर आंदोलन के लिए त्यागपूर्ण जीवन जिया है. ट्रस्ट के ट्रस्टियों ने स्वयं कोई विश्वासघात नहीं किया. यह विश्वासघात उन लोगों ने किया, जिन पर चंपत राय, जिन्हें हम अत्यंत सज्जन और महान आत्मा मानते हैं, वर्षों से भरोसा करते रहे और अपने करीब रखे हुए थे. उन्हीं लोगों ने ट्रस्ट के साथ धोखा किया.'

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'प्रबंधन और संचालन की कमियां दूर करना मेरी प्राथमिकता', बोले राम मंदिर ट्रस्ट के नए महासचिव

चंपत राय ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया

उन्होंने बताया कि ट्रस्ट ने यह इस्तीफा कानूनी बाध्यता के तहत स्वीकार किया. वरिष्ठ अधिवक्ता के. पारासरन की सलाह का हवाला देते हुए गोविंद देव गिरि ने कहा कि ट्रस्ट के संविधान के मुताबिक एक बार इस्तीफा सौंपे जाने के बाद उसे स्वतः स्वीकार माना जाता है. उन्होंने कहा, 'चंपत राय को इस पूरे घटनाक्रम से दुख पहुंचा था. उनका मानना था कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो जाती, आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और उन्हें सजा नहीं मिलती, तब तक उनके लिए पद पर बने रहना उचित नहीं होगा. इसलिए उन्होंने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया.'

कृष्ण मोहन होंगे अंतरिम महासचिव

राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने कहा, 'ट्रस्ट के पास इस्तीफा स्वीकार करने या न करने का विकल्प नहीं था. के. पारासरन ने ट्रस्ट संविधान की धाराएं पढ़कर स्पष्ट किया कि एक बार इस्तीफा दिए जाने के बाद उसे स्वीकार माना जाएगा. ऐसे में हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था.' उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की बैठक में यह फैसला लिया गया कि स्थायी नियुक्ति होने तक कृष्ण मोहन अंतरिम महासचिव के रूप में काम संभालेंगे. वह अपने सहयोगियों की एक टीम के साथ ट्रस्ट के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे. गोविंद देव गिरि ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि कृष्ण मोहन इस जिम्मेदारी को कुशलता से निभाएंगे.

Advertisement

इसके साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट ने नए महासचिव के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने की घोषणा की. गोविंद देव गिरि ने बताया कि इस समिति में रिटायर्ड जस्टिस प्रदीप कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और शिरडी साईं बाबा ट्रस्ट के पूर्व प्रशासक सुरेश हवारे शामिल हैं. यह समिति संभावित उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेकर नाम ट्रस्ट को सौंपेगी, जिसके बाद अंतिम चयन किया जाएगा. चढ़ावा चोरी मामले की जांच पर बोलते हुए गोविंद देव गिरि ने कहा कि ट्रस्ट चाहता है कि मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान हो और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. 

यह भी पढ़ें: रामचरित मानस, काकभुशुंडि... राम मंदिर ट्रस्ट ने दिखाया वो चढ़ावा जिनकी चोरी का हुआ दावा, देखिए VIDEO

उन्होंने कहा, 'चोरी, चोरी होती है. एसआईटी इसकी जांच कर रही है और दोषियों को पकड़कर कानून के मुताबिक सजा दी जानी चाहिए.' गोविंद देव गिरि ने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस विवाद का इस्तेमाल देशभर में माहौल बनाने के लिए कर रहे हैं. उन्होंने कहा, 'जो लोग कभी राम मंदिर आंदोलन का विरोध करते थे और सुप्रीम कोर्ट में भगवान राम के अस्तित्व तक पर सवाल उठाते थे, वही लोग आज खुद को रामभक्ति का सबसे बड़ा समर्थक बताने की कोशिश कर रहे हैं. उनका उद्देश्य रामभक्तों के बीच विभाजन पैदा करना है.'

Advertisement

अफवाहों-अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों और अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें. ट्रस्ट ने यह भी कहा कि कई मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बिना आधार के आरोप लगाए जा रहे हैं और गलत जानकारी फैलाई जा रही है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रस्ट ने वित्तीय आंकड़े भी साझा किए. ट्रस्ट के मुताबिक, चंदा अभियान और कॉर्पस डोनेशन के जरिए अब तक 3,264 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 2,370 करोड़ रुपये मंदिर निर्माण और उससे संबंधित चीजों पर खर्च किए जा चुके हैं. ट्रस्ट ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक चढ़ावे के रूप में 582 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जिनमें से 391 करोड़ रुपये संचालन खर्चों में उपयोग किए गए, जबकि शेष राशि बैंक खातों में सुरक्षित रखी गई है.

राम मंदिर ट्रस्ट ने यह भी बताया कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए 2,926 प्रकार के भौतिक चढ़ावे का बाकायदा रजिस्टर में रिकॉर्ड रखा गया है. इनका हर साल इंडिपेंडेंट चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म द्वारा फिजिकल वेरिफिकेशन कराया जाता है. श्रद्धालु ट्रस्ट अधिकारियों से पूर्व अनुमति लेकर अयोध्या में इन रिकॉर्ड्स का निरीक्षण भी कर सकते हैं. इस दौरान राम मंदिर ट्रस्ट ने उन चीजों को प्रदर्शित भी किया, जिनके चोरी होने का आरोप लगाया जा रहा है. इनमें गोल्ड प्लेटेड रामचरित मानस, चांदी की खड़ाऊ और चांदी के काकभुशुण्डि शामिल हैं.
.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »