रामचरित मानस, काकभुशुंडि... राम मंदिर ट्रस्ट ने दिखाया वो चढ़ावा जिनकी चोरी का हुआ दावा, देखिए VIDEO

अयोध्या के राम मंदिर में दान की गई वस्तुओं के गायब होने के आरोपों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जवाब दिया है. ट्रस्ट ने गायब बताई गई सभी वस्तुओं को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया और दावा किया कि दान की गई हर चीज पूरी तरह सुरक्षित है.

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5 करोड़ की रामचरितमानस गायब होने के लगे आरोप, सामने रखीं सभी दान की वस्तुएं. (Photo: ITG) 5 करोड़ की रामचरितमानस गायब होने के लगे आरोप, सामने रखीं सभी दान की वस्तुएं. (Photo: ITG)

संतोष शर्मा

  • अयोध्या,
  • 06 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:39 PM IST

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और दान की गई कीमती वस्तुओं के गायब होने के आरोपों के बीच ट्रस्ट की अहम बैठक संपन्न हो गई. यह बैठक करीब तीन घंटे तक चली. खास बात यह रही कि पहली बार ट्रस्ट की बैठक राम मंदिर परिसर में आयोजित की गई. बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने इस पूरे विवाद पर अपना पक्ष रखा. 

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उन्होंने कहा कि दान में मिली सभी वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी भी सामान के गायब होने की बात सही नहीं है. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रस्ट ने उन सभी वस्तुओं को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया, जिनके चोरी होने या गायब होने के आरोप लगाए जा रहे थे. सोने की रामचरितमानस, भगवान राम के चरण चिन्ह, हार और काकभुशुंडि को कॉन्फ्रेंस में रखा गया.

वीडियो में देखिए वो वस्तुएं, जिनके चोरी होने का दावा था...

दरअसल, पूर्व IAS अधिकारी एस. लक्ष्मीनारायणन ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि उनके परिवार ने अप्रैल 2024 में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सोने की परत चढ़ी 'रामचरितमानस' की एक प्रति दान की थी, जिसकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपए है. उनका दावा था कि यह रामचरितमानस कुछ समय तक श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए प्रदर्शित की गई थी.

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पूर्व IAS एस. लक्ष्मीनारायणन अपनी माता जी के साथ सोने की रामचरित मानस दान करते हुए.

हालांकि, बाद में उसे वहां से हटा दिया गया और उसके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई. पूर्व नौकरशाह का यह भी कहना था कि उन्होंने इस संबंध में कई बार मंदिर प्रशासन और महामंत्री चंपत राय से जानकारी मांगी, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला. इन आरोपों पर गोविंद देव गिरी ने कहा कि दान की गई सभी वस्तुएं ट्रस्ट की निगरानी में सुरक्षित हैं. 

स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि किसी भी दान की गई वस्तु के चोरी होने या गायब होने का दावा तथ्यात्मक नहीं है. ट्रस्ट ने यह भी जानकारी दी कि पूरे मामले को लेकर एक समिति का गठन किया गया है. यह समिति संबंधित तथ्यों की समीक्षा करेगी और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पर अपनी रिपोर्ट देगी. ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को बुलाई गई है. 

उस समय तक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की विस्तृत और अंतिम रिपोर्ट भी ट्रस्ट के सामने आ जाएगी. रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा. उन्होंने बताया कि 22 जुलाई की बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति पर भी चर्चा होगी. इसके साथ ही कुछ नए पदाधिकारियों और कुछ नए न्यासियों की नियुक्ति का निर्णय भी लिया जाएगा.

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इसके साथ ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने महामंत्री चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया. कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री न्यूक्त किया गया है. इस बैठक में ट्रस्ट के चेयरमैन नृत्य गोपाल दास समेत नौ में से सात परमानेंट मेंबर मौजूद थे. इसमें चंपत राय और अनिल मिश्रा को शामिल नहीं किया गया. बैठक शाम करीब 6.30 बजे खत्म हुई.

इस मामले में एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट भी सामने आई है. श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित बहुमूल्य वस्तुओं के गायब होने की जांच की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के उत्तर भारत के प्रमुख अनुराग रस्तोगी द्वारा वर्ष 2020 में अर्पित करीब 38 किलो चांदी और सर्राफा एसोसिएशन द्वारा 22.576 किलोग्राम चांदी की ईंट ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज मिली. 

जांच में पाया गया कि इन सभी वस्तुओं को बाद में गलाकर बैंक लॉकर में सुरक्षित रखने के लिए सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिन्टिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया को भेजा गया था और उनका पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है.= रिपोर्ट में विश्व सिंधी सेवा समाज के अध्यक्ष राजू मंडवानी के उस दावे की भी जांच की गई, जिसमें उन्होंने 2021 में 25-25 किलो की आठ चांदी की ईंटें, यानी कुल 200 किलो चांदी, ट्रस्ट को भेंट करने और उसकी रसीद नहीं मिलने की बात कही थी. एसआईटी को ट्रस्ट द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची में इन चांदी की ईंटों का पूरा विवरण मिला. जांच में पुष्टि हुई कि ये ईंटें ट्रस्ट की अभिरक्षा में थीं.

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इसे बाद में नियमानुसार गलाने के लिए भेजी गई थीं. मुंबई के कारोबारी अनिल विश्वकर्मा द्वारा भेंट किए गए चांदी के हार और चांदी की चरण पादुकाओं को लेकर भी जांच की गई. ट्रस्ट पदाधिकारियों ने बताया कि ये दोनों वस्तुएं सुरक्षित अभिरक्षा में हैं और एसआईटी ने भी इसका सत्यापन किया. रिपोर्ट में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर चल रहे इन तीनों मामलों में ट्रस्ट पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई.

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