राम मंदिर दान मामले की जांच कर रही SIT ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. आजतक से खास बातचीत में लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने इसकी पुष्टि की. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में कई ऐसे तथ्य शामिल हैं जो संवेदनशील हैं, इसलिए फिलहाल उन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता. अब शासन स्तर पर रिपोर्ट की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी.
बातचीत के दौरान विजय विश्वास पंत ने एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि इस शुरुआती रिपोर्ट के भीतर शामिल कई तथ्य बेहद संवेदनशील हैं, प्राइवेसी की वजह से इन्हें बेहद गोपनीय रखा गया है. सुरक्षा कारणों से फिलहाल रिपोर्ट के सभी बिंदुओं को आम जनता के लिए खोलना मुमकिन नहीं है. सरकार के स्तर पर इन जानकारियों का गहराई से अध्ययन किया जाएगा. इसके बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा.
जरूरत पड़ने पर सरकार से शेयर होंगे और भी सबूत
जांच टीम का मुख्य फोकस मामले की तह तक जाना है. विजय विश्वास पंत के मुताबिक, अगर आगे चलकर आवश्यकता महसूस हुई, तो जांच से जुड़े कुछ अतिरिक्त तथ्य और नए निष्कर्ष भी सरकार के साथ साझा किए जाएंगे. वहीं, SIT लगातार इस पूरे मामले के अलग-अलग पहलुओं की बारीकी से समीक्षा करने में जुटी है. अब तक जितने भी साक्ष्य और सबूत जुटाए गए हैं, उन्हीं को आधार बनाकर आगे की पूरी रूपरेखा तय की जा रही है.
इस बातचीत में एक बड़ा संकेत यह भी मिला है कि जांच की प्रक्रिया अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है. यह सिर्फ शुरुआती रिपोर्ट है. आने वाले समय में अगर जरूरत पड़ी, तो मामले से जुड़ी कुछ और जरूरी जानकारियां भी एकत्र की जा सकती हैं.
फिलहाल पूरी नजर शासन के अगले कदम पर है. रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद यह तय किया जाएगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई की जानी है. जांच एजेंसियां भी जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं.
आशीष श्रीवास्तव