'ये महाकुंभ एकता का महायज्ञ, जिसमें हर तरह के भेदभाव की आहूति दी जाती है', प्रयागराज में बोले PM मोदी

प्रधानमंत्री महाकुंभ 2025 के लिए विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे. इसमें प्रयागराज में आधारभूत सुविधाओं को बढ़ावा देने और निर्बाध संपर्क प्रदान करने के लिए 10 नए रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) या फ्लाईओवर, स्थायी घाट और रिवरफ्रंट सड़कें जैसी विभिन्न रेल और सड़क परियोजनाएं शामिल होंगी.

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प्रयागराज में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी प्रयागराज में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 4:06 PM IST

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को प्रयागराज पहुंचे. पीएम मोदी ने आगमी महाकुंभ की सफलता के लिए कुंभ कलश का पूजन किया. इस दौरान पीएम मोदी ने लेटे हुए हनुमान जी के दर्शन किए और अक्षयवट की भी परिक्रमा की.

प्रधानमंत्री करीब 11:30 बजे उनका हेलिकॉप्टर बमरौली एयरपोर्ट पहुंचे फिर क्रूज में सवार होकर संगम तट पर पहुंचे. इस दौरान उनके साथ सीएम योगी भी मौजूद रहे. यहां उन्होंने साधु संतों से मुलाकात कर गंगा तट पर पूजा की और महाकुंभ के लिए कलश स्थापित किया.  

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-किसी बाहरी व्यवस्था के बजाय कुंभ, मनुष्य के अंतर्मन की चेतना का नाम है.ये चेतना स्वतः जागृत होती है. यही चेतना भारत के कोने-कोने से लोगों को संगम के तट तक खींच लाती है. ये महाकुंभ एकता का महायज्ञ है, जिसमें हर तरह के भेदभाव की आहूति दी जाती है. यहां संगम में डुबकी लगाने वाला हर भारतीय एक भारत एक भारत श्रेष्ठ भारत की अद्भुत तस्वीर पेश करता है: पीएम मोदी

- महाकुंभ हजारों वर्ष पहले से चली आ रही हमारे देश की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक यात्रा का पुण्य और जीवंत प्रतीक है. एक ऐसा आयोजन है जहां हर बार धर्म, ज्ञान, भक्ति और कला का दिव्य समागम होता है. ये केवल तीन पवित्र नदियों का ही संगम नहीं है. प्रयाग के बारे में कहा गया है : 'माघ मकरगत रबि जब होई। तीरथपतिहिं आव सब कोई.' अर्थात जब सूर्य मकर में प्रवेश करते हैं, सभी दैवीय शक्तियां, सभी तीर्थ, सभी ऋषि, महाऋषि प्रयाग में आ जाते हैं. ये वो स्थान जिसके प्रभाव के बिना पुराण पूरे नहीं होते. प्रयागराज वो स्थान है, जिसकी प्रशंसा वेद की ऋचाओं में की गई है: पीएम मोदी

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हमारा भारत पवित्र स्थलों और तीर्थों का देश है. ये गंगा, यमुना, सरस्वती, कावेरी और नर्मदा जैसी अनगिनत पवित्र नदियों का देश है. इन नदियों के प्रवाह की जो पवित्रता है, इन अनेकानेक तीर्थों का जो महत्व है, जो महात्म्य है, उनका संगम, उनका समुच्चय, उनका योग, उनका संयोग, उनका प्रभाव, उनका प्रताप ये प्रयाग है. प्रयाग वो है, जहां पग-पग पर पवित्र स्थान हैं, जहां पग-पग पर पुण्य क्षेत्र हैं: पीएम मोदी

कुंभ मनुष्य के अंतर्मन की चेतना का नाम है. विश्व का इतना बड़ा आयोजन, हर रोज लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत और सेवा की तैयारी, लगातार 45 दिनों तक चलने वाला महायज्ञ, एक नया नगर बसाने के महा अभियान के माध्यम से प्रयागराज की इस धरती पर एक नया इतिहास रचा जा रहा है.ये एकता का ऐसा महायज्ञ होगा, जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में होगी.मैं इस आयोजन की भव्य और दिव्य सफलता की आप सभी को शुभकामनाएं देता हूं- पीएम मोदी

-जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'प्रयागराज में संगम की इस पावन भूमि को मैं श्रद्धापूर्वक प्रणाम करता हूं. महाकुंभ में पधार रहे सभी साधु-संतों को भी नमन करता हूं. महाकुंभ को सफल बनाने के लिए दिनरात परिश्रम कर रहे कर्मचारियों का, श्रमिकों और सफाईकर्मियों का मैं विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं.'

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- गंगा को दूध और चुनरी अर्पित करने के बाद अक्षयवट की परिक्रमा की. यहां से पीएम मोदी हनुमान मंदिर पहुंचे और लेटे हनुमान जी की आरती उतारी. इसके बाद  बजे महाकुंभ प्रदर्शनी का भ्रमण किया. 

 

यह भी पढ़ें: महाकुंभ से पहले पीएम मोदी का प्रयागराज दौरा, अक्षय वट और लेटे हनुमान मंदिर के करेंगे दर्शन

कई परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन और शिलान्यास

कुछ देर बाद वह जनसभा को संबोधित करेंगे जिसमें 6670 करोड़ से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. प्रधानमंत्री महाकुंभ 2025 के लिए विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे.

इसमें प्रयागराज में आधारभूत सुविधाओं को बढ़ावा देने और निर्बाध संपर्क प्रदान करने के लिए 10 नए रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) या फ्लाईओवर, स्थायी घाट और रिवरफ्रंट सड़कें जैसी विभिन्न रेल और सड़क परियोजनाएं शामिल होंगी.

यह भी पढ़ें: प्रयागराज महाकुंभ के लिए मेगा प्लान... 200 AC, 6800 साधारण और 550 शटल बसें चलाएगा UPSRTC, जानिए रूट

प्रधानमंत्री मंदिर के प्रमुख गलियारों का उद्घाटन करेंगे. इनमें भारद्वाज आश्रम गलियारा, श्रृंगवेरपुर धाम गलियारा, अक्षयवट गलियारा, हनुमान मंदिर गलियारा आदि शामिल हैं. इन परियोजनाओं से श्रद्धालुओं की पहुंच आसान होगी और आध्यात्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. प्रधानमंत्री कुंभ ‘सहायक’ चैटबॉट का भी शुभारंभ करेंगे. यह चैटबॉट महाकुंभ मेला 2025 के बारे में श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन और कार्यक्रमों की नवीनतम जानकारी प्रदान करेगा.
 

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