नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से 15 जून से कमर्शियल फ्लाइट का संचालन शुरू हो जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि नए एयरपोर्ट से सबसे पहले डोमेस्टिक एयरलाइन कंपनी 'इंडिगो' अपनी सेवाएं शुरू करेगी. इंडिगो की पहली फ्लाइट 15 जून को सुबह 7:05 बजे लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रवाना होगी और सुबह 8:05 बजे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेगी. इसके बाद एयरपोर्ट से पहली नियमित कमर्शियल फ्लाइट बेंगलुरु के लिए संचालित की जाएगी.
गौतमबुद्ध नगर जिले में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में स्थित यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में शामिल है. अधिकारियों का कहना है कि इस एयरपोर्ट के बनने से उत्तर प्रदेश की स्थिति देश के प्रमुख एविएशन, लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी हब के रूप में और मजबूत होगी. एयरपोर्ट के फर्स्ट फेज का निर्माण पूरा हो चुका है, जिसकी वार्षिक पैसेंजर हैंडलिंग कैपेसिटी 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों की है.
एयरपोर्ट के पहले चरण का काम पूरा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फर्स्ट फेज में एक रनवे, इंटीग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर का निर्माण किया गया है. इस एयरपोर्ट को 6 मार्च 2026 को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से एयरोड्रोम लाइसेंस प्राप्त हुआ था. लगभग 1,334 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस प्रोजेक्ट को चार चरणों में पूरा किया जाना है. हर चरण के पूरा होने पर नोएडा एयरपोर्ट की वार्षिक पैसेंजर हैंडलिंग कैपेसिटी क्रमश: 2031 तक 3 करोड़, 2036 तक 5 करोड़ और 2040 तक 7 करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी.
अधिकारियों ने बताया कि सभी चार चरणों का निर्माण पूरा होने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में पांच रनवे होंगे और इसकी कुल वार्षिक पैसेंजर हैंडलिंग कैपेसिटी 22.5 करोड़ (225 मिलियन) यात्रियों तक पहुंच जाएगी. इससे यह दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट में शामिल हो जाएगा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के यात्रियों को यह एयरपोर्ट बेहतर सुविधा प्रदान करेगा.
इंडिगो 16 से अधिक शहरों को जोड़ेगी
इंडिगो एयरलाइन चरणबद्ध तरीके से इस एयरपोर्ट को लखनऊ, हैदराबाद, अमृतसर, चंडीगढ़, जयपुर, श्रीनगर और पंतनगर सहित 16 से अधिक शहरों से जोड़ने की योजना बना रही है. नोएडा एयरपोर्ट के फर्स्ट फेज का उद्घाटन इसी वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. उत्तर प्रदेश सरकार का अनुमान है कि इस प्रोजेक्ट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब एक लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे. साथ ही इंडस्ट्रियल, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, हॉस्पिटैलिटी और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा.
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