कर्मचारी नहीं थे नोएडा प्रोटेस्ट के कई 'उपद्रवी', अब पब्लिक में लगेंगे पोस्टर

Noida Employees Protest: नोएडा हिंसा मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें सामने आया कि उत्पात और आगजनी में शामिल कई लोग असली मजदूर नहीं बल्कि बाहरी तत्व थे. पुलिस ने अब तक कई गिरफ्तारियां की हैं, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्रवाई और अफवाह फैलाने वालों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.

Advertisement
कर्मचारी नहीं थे नोएडा प्रोटेस्ट के कई 'उपद्रवी' (Photo: itg) कर्मचारी नहीं थे नोएडा प्रोटेस्ट के कई 'उपद्रवी' (Photo: itg)

आशीष श्रीवास्तव

  • नोएडा ,
  • 16 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 8:54 AM IST

Noida Violence Case: हाल ही में हुई हिंसक झड़पों के बाद नोएडा में अब हालात सामान्य होते नजर आ रहे हैं, लेकिन पुलिस की कार्रवाई और भी सख्त हो गई है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, हालांकि हिंसा को भड़काने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा.इसी सड़ी में नोएडा के कर्मचारियों के प्रदर्शन के मामले में अब तक की कार्रवाई में बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया है कि हिंसा, आगजनी और पथराव में शामिल अधिकांश लोग असल में मजदूर हैं ही नहीं. 

Advertisement

साजिश रचने में चार गिरफ्तार

विरोध के नाम पर उत्पात, तोड़फोड़ और आगजनी की घटना में अब तक 17 लोगों की पहचान की गई है, जिनमें से 11 को गिरफ्तार किया जा चुका है.  वहीं हिंसा भड़काने के मामले में 32 लोगों की पहचान हुई है, जिनमें से 19 को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा साजिश रचने के आरोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो इस पूरे विवाद में मुख्य भूमिका निभाने के आरोपी हैं.

66 गिरफ्तारियों में से 45 लोग श्रमिक नहीं

उत्पात और हिंसा दोनों मामलों को मिलाकर 34 ऐसे लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जो कंपनियों के कर्मचारी नहीं हैं बल्कि बाहरी तत्व के रूप में सामने आए हैं. इन आरोपियों में से कई के मजदूर बिगुल और कथित अर्बन नक्सल नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं. इसके अलावा पूरे मामले में कुल मिलाकर हुई 66 गिरफ्तारियों में से 45 लोग श्रमिक नहीं हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हिंसा में बाहरी तत्वों की बड़ी भूमिका रही है.

Advertisement

पब्लिक प्लेस में लगेंगे उपद्रवियों के पोस्टर

इस खुलासे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर स्थिति की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अफवाह और दुष्प्रचार फैलाने वालों पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए और सोशल मीडिया की लगातार निगरानी रखी जाए. साथ ही, गैर-श्रमिक उपद्रवी तत्वों की पहचान कर उनकी तस्वीरें सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए हैं.

नोएडा में पूरे सप्ताह रहा था बवाल

बता दें कि बीते सप्ताह नोएडा में प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन हुआ था दो काफी उग्र रहा. वेतन बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतर आए जहां पथराव और पुलिस से भिड़ंत के बाद नोएडा फेज-2 छावनी बन गया. इन लोगों ने सेक्टर-84 और आसपास के इलाकों में जमकर उत्पात मचाया, पथराव किया और वाहनों को आग के हवाले कर दिया था. प्रदर्शनकारियों ने सेक्टर-84 में खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाया जिसमें दो गाड़ियां पूरी तरह जलकर खाक हो गई हैं. स्थिति को बिगड़ता देख भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन बेकाबू भीड़ ने पुलिस पर भी पथराव शुरू कर दिया. जवाब में पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. हालांकि , अब शहर में स्थिति शांत है.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement