मिर्जापुर में गजब का खेल: कमाता है 400 रुपये रोज और इनकम टैक्स विभाग ने थमा दिया 41 करोड़ के लेन-देन का नोटिस

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में एक गरीब युवक को आयकर विभाग की तरफ से 41 करोड़ रुपये के बैंक ट्रांजेक्शन का नोटिस मिला है. विभाग ने उसे 6 करोड़ रुपये टैक्स बकाया चुकाने का आदेश दिया है, जिसके बाद से पीड़ित का पूरा परिवार बेहद परेशान है.

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मिर्जापुर में इनकम टैक्स का नोटिस मिलने के बाद परिवार सदमे में (Photo- ITG) मिर्जापुर में इनकम टैक्स का नोटिस मिलने के बाद परिवार सदमे में (Photo- ITG)

सुरेश कुमार सिंह

  • मिर्जापुर ,
  • 15 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:49 PM IST

Uttar Pradesh News: मिर्जापुर जिले के पड़री थाना क्षेत्र स्थित लोकापुर गांव निवासी श्याम बाबू को आयकर विभाग ने उनके बैंक खाते से हुए 41 करोड़ रुपये के भारी-भरकम ट्रांजैक्शन पर 6 करोड़ रुपये टैक्स बकाया जमा करने का नोटिस भेजा है. पीड़ित श्याम बाबू के सगे साले ने वर्ष 2020 में शादी होने के छह महीने बाद नौकरी दिलाने के बहाने उन्हें दिल्ली बुलाकर बैंक में खाता खुलवाया था. साले ने बैंक खाते में अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराकर बाद में चेक पर हस्ताक्षर ले लिए और इस खाते से करोड़ों का लेन-देन कर डाला.

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साले के धोखे का शिकार हुआ जीजा

पीड़ित श्याम बाबू के मुताबिक, साल 2020 में उनकी शादी हुई थी. शादी के कुछ महीनों बाद उनके साले ने नौकरी लगवाने का लालच देकर उन्हें दिल्ली बुलाया. वहां उनके सारे जरूरी कागजात तैयार करवाए गए और एक बैंक में खाता खुलवाया गया. चालाकी दिखाते हुए साले ने बैंक फॉर्म में मोबाइल नंबर अपना डलवा दिया और श्याम बाबू को वापस घर भेज दिया. इसके बाद साले ने घर आकर चेक बुक पर भी उनके हस्ताक्षर करवा लिए.

41 करोड़ का ट्रांजेक्शन और 6 करोड़ का टैक्स

तीन महीने पहले जब आयकर विभाग का नोटिस आया, तो श्याम बाबू के पैरों तले जमीन खिसक गई. विभाग की तरफ से अब तक उन्हें तीन बार नोटिस मिल चुका है, जिसमें उनके खाते से 41 करोड़ रुपये के लेन-देन की बात कही गई है. इस ट्रांजेक्शन के बदले उन पर 6 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया निकाला गया है. जब उन्होंने इस बारे में अपने ससुराल और साले को बताया, तो उन्होंने चुप रहने और कुछ न होने की बात कहकर टाल दिया.

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रोजाना 400 रुपये कमाने वाले पर करोड़ों का बोझ

पीड़ित श्याम बाबू का कहना है कि वह गांव में रहकर परिवार के साथ खेती-किसानी करते हैं और एक मैजिक गाड़ी चलाकर रोजाना बमुश्किल 400 से 500 रुपये कमा पाते हैं. इतनी कम आमदनी में वह करोड़ों रुपये का यह बकाया कहां से चुकाएंगे. पीड़ित अब आयकर विभाग के चक्कर काट रहा है और मामले की जांच कर धोखेबाज साले के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है.

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