महाकुंभ: बसंत पंचमी पर अमृत स्नान को लेकर एक्शन में प्रशासन मुस्तैद, खोले गए पांटून पुल

कल यानी 3 फरवरी को बसंत पंचमी के मौके पर होने वाला तीसरा अमृत स्नान सुबह 5 बजे से शुरू होगा. सुबह 4 बजे सबसे पहले पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी स्नान के लिए निकलेगा. मौनी अमावस्या पर हुए हादसे से सबक लेते हुए सरकार ने पांटून पुल खोल दिए हैं ताकि श्रद्धालुओं का आवागमन निर्बाध चलता रहे.

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बसंत पंचमी पर अमृत स्नान को लेकर प्रशासन मुस्तैद (फोटो: PTI) बसंत पंचमी पर अमृत स्नान को लेकर प्रशासन मुस्तैद (फोटो: PTI)

कुमार अभिषेक

  • प्रयागराज,
  • 02 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 11:52 AM IST

प्रयागराज में लगे महाकुंभ 2025 का तीसरा अमृत स्नान कल यानी सोमवार को बसंत पंचमी के अवसर पर होगा. स्नान से पहले ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटों पर जुटने लगे हैं. भीड़ बढ़ रही है लेकिन मौनी अमावस्या पर मची भगदड़ से सबक लेते हुए प्रशासन मुस्तैद है. किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं. पांटून पुलों को खोल दिया गया है और पुलिस लगातार लोगों को स्नान के बाद घाट से हटाने में जुटी है.

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सुबह 5 बजे से शुरू होगा अमृत स्नान

कल यानी 3 फरवरी को बसंत पंचमी के मौके पर होने वाला तीसरा अमृत स्नान सुबह 5 बजे से शुरू होगा. सुबह 4 बजे सबसे पहले पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी स्नान के लिए निकलेगा. मौनी अमावस्या पर हुए हादसे से सबक लेते हुए सरकार ने पांटून पुल खोल दिए हैं ताकि श्रद्धालुओं का आवागमन निर्बाध चलता रहे.

प्रशासन ने मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ से सबक लिया है जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पांटून पुलों का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है. मौनी अमावस्या तक प्रशासन ने 30 में से सिर्फ 2-3 पुल ही खोले थे लेकिन बसंत पंचमी पर भीड़ बढ़ने के बाद ये पुल लोगों के लिए खोल दिए गए हैं.

सायरन बजाकर लोगों को हटा रही पुलिस

बसंत पंचमी के स्नान से पहले ही लोग घाट पर पहुंचने लगे हैं, जिसके चलते श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है. लोग स्नान के लिए संगम नोज पर रुक भी रहे हैं. मौनी अमावस्या जैसी कोई अनहोनी न हो, इसके लिए पुलिस लगातार सायरन बजाकर लोगों को हटाने में जुटी है क्योंकि लोग घाट किनारे रुकने के लिए रजाई-गद्दा लेकर भी पहुंच रहे हैं.

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मौनी अमावस्या पर होल्डिंग एरिया में लोगों का रुकना और सोना भी भगदड़ का एक कारण बना था. यही वजह है कि प्रशासन की तरफ से यहां पर पहले से स्थिति का जायजा लिया जा रहा है. बंसत पंचमी पर किसी तरह की अनहोनी न हो, इसके लिए महाकुंभ मेला क्षेत्र में चार पहिया वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया गया है. 

भगदड़ में 30 लोगों की हुई थी मौत

बुधवार तड़के मौनी अमावस्या के स्नान से पहले महाकुंभ में हुई भगदड़ में 30 लोगों की मौत हो गई थी. घटना के बाद अब स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में हैं. प्रशासन ने 3 फरवरी को होने वाले तीसरे बसंत पंचमी के स्नान की अभी से तैयारी शुरू कर दी है. इस हादसे के बाद शासन प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ बड़े बदलाव और नए आदेश जारी किए हैं.

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