पिता की हत्या के बाद बहन से लिपट कर रोया था अक्षत, मानवेंद्र सिंह मर्डर केस में एक और खुलासा

लखनऊ में पिता की हत्या करने वाले अक्षत का व्यवहार पूरी तरह बदल गया है. वह जेल में बहन को देखकर फूट-फूटकर रोने लगा. जेल में अक्षत की पहली रात बेचैनी में कटी. वह पूरी रात दीवार से टिककर बैठा बड़बड़ाता रहा, कभी रोता तो कभी पछतावे की बात करता.

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पिता की हत्या के वक्त नशे में था अक्षत. (Photo: ITG) पिता की हत्या के वक्त नशे में था अक्षत. (Photo: ITG)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 28 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:38 AM IST

लखनऊ के आशियाना सेक्टर-एल में कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात की रात बेटा अक्षत और पिता दोनों नशे में थे. आरोप है कि पिता के भला-बुरा कहने पर गुस्से से तमतमाए अक्षत ने घर में मौजूद लाइसेंसी राइफल से गोली दाग दी. एक ही पल में बाप-बेटे का रिश्ता खून से रंग गया और आलीशान घर मौत का मंजर बन गया. वहीं पिता की हत्या के बाद वह बहन से लिपटकर रोया था.

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थाने में भी बहन को देखकर लिपट कर रोया आरोपी अक्षत

सूत्र बताते हैं कि गोली चलाने के बाद अक्षत का व्यवहार अचानक बदल गया. जेल जाने से पहले उसने बहन कृति से मिलने की इच्छा जताई. थाने में बहन को सामने देखकर वह उससे लिपटकर फूट-फूटकर रोया. उसने पुलिस से मोबाइल वापस मांगकर बहन के खाते में पैसे ट्रांसफर करने की बात कही. 22 हजार रुपये में से छह हजार रुपये पैथोलॉजी के क्लर्क को देने और बाकी बहन के पास रखने की हिदायत भी दी. बहन की बीमारी का हवाला देकर आरोपी खुद को जिम्मेदार भाई साबित करने की कोशिश करता दिखा.

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जेल में अक्षत की पहली रात बेचैनी में कटी. वह पूरी रात दीवार से टिककर बैठा बड़बड़ाता रहा, कभी रोता तो कभी पछतावे की बात करता. जेल अस्पताल में भर्ती आरोपी पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. पूछताछ में उसने कहा कि पहले पिता ने उसे पीटा, उसके बाद उसने गोली चलाई. हालांकि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और बयान की सच्चाई परखी जा रही है.

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सदमे में है बहन

इस सनसनीखेज कांड के बाद घर की सबसे छोटी सदस्य कृति सदमे में है. मां को पहले खो चुकी बेटी अब पिता की मौत और भाई के जेल जाने के दोहरे आघात से गुमसुम है. पुलिस फोरेंसिक जांच, डिजिटल साक्ष्य और आर्थिक लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है, ताकि इस खून की कहानी के हर पहलू से पर्दा उठाया जा सके. लखनऊ का यह ‘नीला ड्रम कांड’ अब सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि रिश्तों के टूटते ताने-बाने की भयावह तस्वीर बन चुका है. 

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