Uttar Pradesh News: झांसी पुलिस ने सोमवार को शहर कोतवाली क्षेत्र में 9 जुलाई की शाम हुई ₹24.90 लाख की डकैती का सनसनीखेज खुलासा किया. सूरत के ड्राई फ्रूट कारोबारी जितेंद्र पटेल के मुंशी किशन दिलीप भाई पांचाल ने कल 12 जुलाई को शहर कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि मिर्नवा चौकी से 100 कदम दूर क्रेटा कार सवार लोगों ने उन्हें जबरन बैठा लिया, जिनमें दो खाकी वर्दी पहने हुए थे. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गैंग के मास्टरमाइंड सूर्यांश यादव, जालौन पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी राघवेंद्र राजपूत और आरक्षी मनोज कुमार समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया. इनके पास से लूटे गए ₹24.50 लाख और घटना में इस्तेमाल 'पुलिस' लिखी क्रेटा कार बरामद की गई है.
लाख-लाख रुपये में बिके खाकी वाले
झांसी के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड सूर्यांश यादव है. उसे सतना में ₹24 लाख 90 हजार की रकम भेजनी थी. इस भारी-भरकम रकम को हड़पने और देने से बचने के लिए उसने डकैती की साजिश रची. आम जनता या राहगीर कोई विरोध न करें, इसलिए सूर्यांश ने जालौन पुलिस लाइन में तैनात फरार सिपाही नीरज राजपूत की मदद से तीन सिपाहियों को एक-एक लाख रुपये का लालच देकर अपनी गैंग में शामिल कर लिया.
क्रेटा कार से अपहरण और वीआईपी ट्रीटमेंट
योजना के मुताबिक, 9 जुलाई को मुंशी जब स्कूटी से वसूली की रकम लेकर जा रहे थे, तभी वर्दीधारी सिपाहियों ने क्रेटा कार से आकर उनका अपहरण कर लिया और रकम लूट ली. इस खुलासे के बाद जालौन एसपी ने आरोपी सिपाहियों को तुरंत निलंबित कर दिया है. चौंकाने वाली बात यह रही कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस इन डकैतों को लग्जरी स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाकर पुलिस लाइन ले गई और उन्हें गर्मी न लगे, इसके लिए गाड़ी का एसी भी चालू रखा.
मास्टरमाइंड समेत 6 धरे, चार अभी भी फरार
इस मामले में पुलिस ने गौरव यादव, सूर्यांश यादव, सुखबीर, सूरज सिंह, आरक्षी राघवेंद्र राजपूत और आरक्षी मनोज कुमार को दबोच लिया है. पूछताछ में सामने आया कि गिरोह में अंकित यादव, आरक्षी नीरज राजपूत, नितिन तेजवानी और संस्कार तेजवानी भी शामिल हैं, जो फिलहाल पुलिस की पकड़ से दूर हैं. एसएसपी के मुताबिक, फरार चल रहे आरोपियों और सिपाही की तलाश में टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
प्रमोद कुमार गौतम