झांसी अग्निकांड: बच्चों की मौत के बीच अस्पताल में रंगरोगन, डिप्टी सीएम करने वाले थे दौरा

मामले ने तूल पकड़ा तो ब्रजेश पाठक को भी सफाई देनी पड़ी. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा जिन लोगों ने चूना डालने आदि जैसा कृत्य किया है वो स्वीकार योग्य नहीं है. डिप्टी सीएम ने जिलाधिकारी झांसी को ऐसे लोगों को चिन्हित करके कार्रवाई के आदेश दिए हैं.

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बृजेश पाठक के अस्पताल का दौरा करने से पहले सड़क पर चूना छिड़कते हुए कर्मचारी बृजेश पाठक के अस्पताल का दौरा करने से पहले सड़क पर चूना छिड़कते हुए कर्मचारी

प्रमोद कुमार गौतम

  • झांसी,
  • 16 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 2:20 PM IST

झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के शिशु वॉर्ड में शुक्रवार शाम को इतनी भीषण आग लगी कि 10 शिशुओं की जलकर मौत हो गई. ऑक्सीजन पाइप के कारण लगी आग इतनी तेजी से फैली कि संभलने का मौका ही नहीं मिला. देखते ही देखते 10 बच्चे जिंदा जल गए 40 बच्चों को बचा लिया गया जिनमें कई की हालत गंभीर है.

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 सवाल 10 बच्चों की मौत पर है. बच्चों की मौत पर जांच का खेल तो शुरू हो गया है लेकिन प्रशासन कितना बेशर्म हो सकता है इसकी बानगी सामने आई दो तस्वीरों से समझा जा सकता है. एक तरफ बच्चों को बचाने के लिए डॉक्टर चिल्ला रहे थे, भाग रहे थे, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन अपने डिप्टी सीएम के स्वागत के लिए रंगाई-पुताई करवाने में लगा था. ये सब डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के लिए हो रहा है जो साढ़े बजे हुए हादसे पर सुबह-सुबह झांसी पहुंचे.

कांग्रेस ने बोला हमला
कांग्रेस ने ब्रजेश पाठक के वीडियो पर सवाल खड़े करते हुए एक्स पर पोस्ट किया, 'BJP सरकार की संवेदनहीनता देखिए.एक ओर बच्चे जलकर मर गए, उनके परिवार रो रहे थे, बिलख रहे थे.दूसरी तरफ, डिप्टी CM के स्वागत के लिए सड़क पर चूने का छिड़काव हो रहा था.परिजनों का यहां तक कहना है कि पूरे कम्पाउंड में गंदगी फ़ैली हुई थी, जो डिप्टी CM के आने से पहले ही साफ की गई.ये सरकार की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है. बच्चे जलकर मर रहे हैं और ये सरकार चेहरा चमकाने में लगी है.शर्मनाक!'

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ब्रजेश पाठक की सफाई
मामले ने तूल पकड़ा तो ब्रजेश पाठक को भी सफाई देनी पड़ी. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा जिन लोगों ने चूना डालने आदि जैसा कृत्य किया है वो स्वीकार योग्य नहीं है. डिप्टी सीएम ने जिलाधिकारी झांसी को ऐसे लोगों को चिन्हित करके कार्रवाई के आदेश दिए हैं. ब्रजेश पाठक आधी रात को ही झांसी रवाना हो गए थे.

अग्निकांड पर सवाल

आपको बता दें कि झांसी अग्निकांड पर कई सवाल उठ रहे हैं. सवाल और भी है आखिर फायर अलार्म क्यों नहीं बचा. आग बुझाने के लिए लगे उपकरण का इस्तेमाल क्यों नहीं हुआ? आग बुझाने वाले फायर एक्सटिंग्विशर कहीं एक्सपायर तो नहीं था? क्या स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट की सारी गाइडलाइंस अस्पताल मान रहा था? या फिर हर तरफ लापरवाही थी...बस ऐसे ही हादसे का इंतजार भर था.

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