अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नए CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इसके लिए बनाई गई सर्च कमेटी की पहली बैठक शनिवार को हुई, जिसमें आवेदन की योग्यता और चयन के नियम तय किए गए. ट्रस्ट एक महीने के भीतर नए CEO का चयन करने की कोशिश में है. इच्छुक उम्मीदवार 18 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे. कमेटी की कोशिश है कि अगले एक महीने के भीतर इस पूरी चयन प्रक्रिया को संपन्न कर लिया जाए.
सूत्रों के मुताबिक, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के CEO पद के लिए गठित सर्च कमेटी की पहली बैठक में नियुक्ति प्रक्रिया और उम्मीदवारों के लिए जरूरी योग्यता तय की गई. बैठक में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी और श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हावड़े शामिल रहे. समिति ने फैसला किया कि आवेदन मिलने के बाद योग्य उम्मीदवारों से बातचीत की जाएगी, जिसके बाद चयन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
कौन कर सकता है आवेदन?
CEO पद के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं. उम्मीदवार का ग्रेजुएट होना अनिवार्य होगा, साथ ही प्रशासन (Administration) या वित्त (Finance) के क्षेत्र में कम से कम 20 साल का अनुभव होना भी बेहद जरूरी है. मंदिर प्रबंधन का पुराना अनुभव रखने वाले लोगों को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी. इसके अलावा, मुख्य शर्त यह है कि आवेदन करने वाला व्यक्ति हिंदू धर्म से होना चाहिए.
सर्च कमेटी ने तय किया है कि इच्छुक उम्मीदवार 18 जुलाई तक आवेदन कर सकेंगे. आवेदन ई-मेल के जरिए लिए जाएंगे. इसके लिए अलग से ई-मेल आईडी तैयार की जा रही है. आवेदन मिलने के बाद समिति सभी योग्य उम्मीदवारों के साथ चर्चा करेगी और फिर अंतिम नाम पर फैसला लिया जाएगा.
तीन साल का होगा कार्यकाल
नए CEO की नियुक्ति शुरुआत में तीन साल के लिए की जाएगी. चयनित व्यक्ति को अयोध्या में रहकर ही अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी. प्रक्रिया को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के लिए समिति ने एक सचिव नियुक्त करने का भी फैसला लिया है. कोशिश है कि अगले एक महीने के भीतर पूरी चयन प्रक्रिया पूरी कर ली जाए.
इसी बीच राम मंदिर ट्रस्ट में कई प्रशासनिक बदलाव भी किए जा रहे हैं. चढ़ावे की गिनती का नया टाइमटेबल लागू कर दिया गया है. अब सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक एक ही शिफ्ट में चढ़ावे की गिनती होगी. VIP पास जारी करने की प्रक्रिया फिलहाल रोकी गई है. जिन लोगों की आईडी का इस्तेमाल इस काम में होता था, उनके इस्तीफे के बाद यह व्यवस्था अस्थायी रूप से रोक दी गई है.
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले की जांच भी आगे बढ़ रही है. कुछ पूर्व सैनिकों को व्हाट्सऐप के जरिए किसी से बात नहीं करने का संदेश भेजा गया था. इस बीच पुलिस दो आरोपियों से पूछताछ की तैयारी में है और उनकी कस्टडी रिमांड के लिए अदालत में अर्जी दी गई है. दूसरी ओर, ट्रस्ट से जुड़े घटनाक्रम के बीच गोपाल राव ने निर्मोही अखाड़ा पहुंचकर महंत दिनेंद्र दास से मुलाकात की. हालांकि, इस बैठक में क्या चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
ऐश्वर्या पालीवाल