एनसीआर के दो बड़े इलाकों गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में भीषण अग्निकांड देखने को मिला. गाजियाबाद के साहिबाबाद में एक सोफा फैक्ट्री में आग लगने से भारी तबाही हुई. वहीं, ग्रेटर नोएडा के बादलपुर में भी पुराने फर्नीचर के बड़े वेयरहाउस में अचानक आग की लपटें भड़क उठीं. इस दोहरे हादसे की चपेट में आने से दर्जनों कार-बाइक जलकर पूरी तरह खाक हो गईं. राहत की बात यह रही कि दोनों ही जगहों पर दमकल विभाग ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे आसपास के रिहायशी इलाके तक आग फैलने से बच गई और कोई जनहानि नहीं हुई.
जानकारी के मुताबिक, साहिबाबाद के साइट-4 औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट संख्या 534-C पर चल रही एसएस फर्नीचर सोफा होम फैक्ट्री में सुबह करीब 4:55 बजे आग लगने की सूचना फायर विभाग को मिली. खबर मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू कर दिया. आग लगातार फैल रही थी, इसलिए अतिरिक्त फायर टेंडर भी बुलाने पड़े. वैशाली फायर स्टेशन से दो वाटर ब्राउजर भी मौके पर भेजे गए, ताकि आग को जल्द रोका जा सके.
हालात उस समय और मुश्किल हो गए जब आग के बीच फैक्ट्री का टिन शेड गिर गया. इससे दमकल कर्मियों को अंदर पहुंचने और राहत कार्य चलाने में काफी परेशानी हुई. इसके बाद जेसीबी मशीन बुलाकर गिरे हुए हिस्से को हटाया गया, तब जाकर आग पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण मिल सका.
बड़ा हादसा टला, आसपास के घरों तक नहीं पहुंची आग
दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, आग अगर कुछ देर और फैलती तो पास के रिहायशी भवन भी इसकी चपेट में आ सकते थे. हालांकि फायर टीम की तेजी से कार्रवाई के चलते आग को फैक्ट्री परिसर तक ही सीमित रखा गया. इससे एक बड़ा हादसा टल गया. प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि विभागीय जांच अभी जारी है. इस हादसे में एक हुंडई वेन्यू कार, एक मोटरसाइकिल, डीजी सेट और बड़ी मात्रा में फर्नीचर जल गए. बताया गया कि घटना के वक्त फैक्ट्री मालिक सादुल मौके पर मौजूद नहीं थे.
ग्रेटर नोएडा में भी धधका वेयरहाउस
ग्रेटर नोएडा के बादलपुर में एक गोदाम में लगी आग की खबर मिलते ही दमकल विभाग की करीब 10 गाड़ियां एक-एक करके मौके पर पहुंच गईं. फायर फाइटर्स ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद इस भीषण आग पर पूरी तरह काबू पाया. साहिबाबाद की तरह ही यहां भी शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की ही आशंका जताई जा रही है. स्थानीय पुलिस तथा प्रशासन की टीमें दोनों ही मामलों की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि नुकसान का सही आकलन किया जा सके.
अरुण त्यागी / मयंक गौड़