'आपका पेमेंट फेल हो गया'... इसी एक कॉल से शुरू होती थी लाखों की ठगी, Flipkart शॉपिंग के नाम पर चलता था खेल

इंदिरापुरम में पुलिस ने फ्लिपकार्ट पर ऑनलाइन खरीदारी करने वाले ग्राहकों को निशाना बनाने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है. छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो आरोपी फरार हैं. गैंग कई राज्यों के लोगों से ऑनलाइन भुगतान के नाम पर साइबर ठगी करता था. पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है.

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फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस का छापा. (Photo: Mayank Gaur/ITG) फर्जी कॉल सेंटर पर पुलिस का छापा. (Photo: Mayank Gaur/ITG)

मयंक गौड़

  • गाजियाबाद ,
  • 13 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:14 PM IST

गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह फ्लिपकार्ट पर ऑनलाइन खरीदारी करने वाले ग्राहकों को निशाना बनाकर उनसे ठगी कर रहा था. पुलिस ने छापेमारी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए 10 मोबाइल फोन और 20,010 रुपये नकद बरामद किए गए हैं. पुलिस का कहना है कि गिरोह उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान और तेलंगाना सहित कई राज्यों के लोगों को अपना शिकार बना चुका है.

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पुलिस के अनुसार साइबर अपराध की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर पोर्टल से मिले इनपुट के आधार पर इंदिरापुरम थाना पुलिस ने कार्रवाई की. साइबर पोर्टल पर चिन्हित हॉटस्पॉट के आधार पर शक्ति खंड स्थित एक मकान में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारा गया. मौके से राजू कुमार, आदित्य उर्फ प्रकाश यादव, विराट चौधरी, आशीष, पंकज शर्मा और खुशी को गिरफ्तार कर लिया गया.

फ्लिपकार्ट ग्राहकों को बनाया जाता था निशाना

पुलिस ने बताया कि इस गिरोह से जुड़े दो अन्य आरोपी काजल और सिद्धार्थ फिलहाल फरार हैं. दोनों की तलाश की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है. पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड सिद्धार्थ है. वह बिहार से फ्लिपकार्ट पर ऑनलाइन खरीदारी करने वाले ग्राहकों का डाटा उपलब्ध कराता था. इसके बाद कॉल सेंटर में बैठकर आरोपी ग्राहकों को फोन करते थे और उन्हें बताते थे कि उनकी ऑनलाइन शॉपिंग का भुगतान लंबित है या भुगतान असफल हो गया है.

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आरोपी ग्राहकों को दोबारा भुगतान करने, ऑर्डर कन्फर्म कराने या अन्य ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने का झांसा देते थे. इसी बहाने लोगों से रकम ट्रांसफर कराकर साइबर ठगी को अंजाम दिया जाता था. पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने राजस्थान, तेलंगाना, गुजरात, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई लोगों को अपना शिकार बनाया है.

पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में इस गिरोह द्वारा करीब ढाई लाख रुपये की साइबर ठगी किए जाने की जानकारी मिली है. हालांकि पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर ठगी की रकम और पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है. पुलिस गिरोह के अन्य मामलों की भी जांच कर रही है. 

जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है. पुलिस ने बताया कि तेलंगाना के साइबराबाद में दर्ज एक साइबर ठगी के मुकदमे का संबंध भी इसी गिरोह से जुड़ा मिला है. इसके अलावा बरामद मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबरों की जांच में देश के विभिन्न राज्यों से दर्ज कई ऑनलाइन साइबर शिकायतों का पता चला है.

पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के बैंक खातों, लेन-देन और अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क में और लोग भी शामिल हो सकते हैं. इसलिए पूरे गिरोह की आर्थिक गतिविधियों और साइबर अपराध के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है.

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एसीपी इंदिरापुरम सूर्य बली मौर्य ने बताया कि साइबर पोर्टल से प्राप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई. उन्होंने कहा कि फ्लिपकार्ट ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और बरामद डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है. 

मोबाइल फोन से मिले कई अहम डिजिटल सुराग

उन्होंने बताया कि पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह ने और किन-किन राज्यों में लोगों को निशाना बनाया है. फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए जांच लगातार आगे बढ़ाई जा रही है. पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों में लोगों को किसी भी अनजान कॉल पर भरोसा नहीं करना चाहिए और ऑनलाइन भुगतान से पहले पूरी जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए. फिलहाल इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है.
 

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