Uttar Pradesh News: गाजीपुर पुलिस द्वारा मुख्तार अंसारी गिरोह आईएस-191 के सदस्यों और सहयोगियों के शस्त्र लाइसेंसों की जांच के बाद सपा सांसद अफजाल अंसारी समेत तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है. जांच में कुल 145 लाइसेंसों का उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश में सत्यापन कराया गया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं.
अधिकारियों की मिलीभगत से जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से कई पत्रावलियां गायब मिलीं. इसमें सांसद अफजाल अंसारी के शस्त्र लाइसेंस संख्या 1188 P2 की मूल पत्रावली भी गायब है और उस पर खरीदी गई रायफल संख्या 830405 की स्थिति का पता नहीं चल सका है.
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर कोतवाली में सांसद अफजाल अंसारी, तत्कालीन प्रथम शस्त्र लिपिक अशफाक अहमद और द्वितीय शस्त्र लिपिक गौरी शंकर राम के खिलाफ कार्रवाई की गई है. पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता/आईपीसी की धारा 409, 120-बी और आर्म्स एक्ट की धारा 21/25 व 30 के तहत मामला दर्ज किया है.
एसपी गाजीपुर का बयान
गाजीपुर के एसपी डॉ. इरज राजा ने बताया कि जांच के दौरान 145 शस्त्र लाइसेंसों का कई राज्यों में सत्यापन कराया गया था. इसमें तत्कालीन अधिकारियों व लिपिकों की मिलीभगत से कई पत्रावलियां गायब पाई गईं. सांसद अफजाल अंसारी के लाइसेंस से संबंधित अभिलेख न मिलने और रायफल का पता न चलने पर साक्ष्यों के आधार पर केस दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.
विनय कुमार सिंह