'ऐसा है मुझे सैल्यूट करो...',पुलिस वालों से बोला फर्जी अधिकारी, 40 रुपये के बन-मक्खन ने खोली पोल

लखनऊ में 40 रुपये के बन-मक्खन का भुगतान न करने की कोशिश एक शख्स को भारी पड़ गई. खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर दुकानदार और पुलिस पर रौब झाड़ने वाले आरोपी की असलियत मौके पर ही खुल गई. पूछताछ में वह प्राइवेट कंपनी का अकाउंटेंट निकला.

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रौब झाड़ रहा फर्जी IPS पहुंचा हवालात (Photo: itg) रौब झाड़ रहा फर्जी IPS पहुंचा हवालात (Photo: itg)

अंकित मिश्रा

  • लखनऊ,
  • 17 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:01 AM IST

उत्तर प्रदेश के लखनऊ से एक बेहद हैरान करने वाला और फिल्मी मामला सामने आया है. यहां महानगर थाना क्षेत्र में महज 40 रुपये के बन-मक्खन के चक्कर में एक फर्जी IPS का भंडाफोड़ हो गया. खुद को नोएडा में तैनात कड़क पुलिस अफसर बताने वाला यह शख्स असल में एक प्राइवेट कंपनी का अकाउंटेंट निकला, जिसे अब पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है.

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40 रुपये का बन-मक्खन पर विवाद

घटना सोमवार रात की है. महानगर के गोल चौराहे पर स्थित एक दुकान के सामने एक लाल रंग की कार आकर रुकी. कार में चार लोग सवार थे. गाड़ी से सफेद टी-शर्ट और आंखों पर चश्मा लगाए एक शख्स उतरा और उसने दुकान से 40 रुपये का बन-मक्खन खाया. स्वाद चखने के बाद जब पैसे देने की बारी आई, तो उसने दुकानदार पर धौंस जमाना शुरू कर दिया.

उसने दुकानदार से उसका नाम पूछा और जब दुकानदार ने बताया कि दुकान उसके रिश्तेदार की है, तो वह भड़क गया. आरोपी कहने लगा, रुको, अभी तुमको बताता हूं, इस तरह से दुकान चला रहे हो? इतना कहकर वह वापस कार में जाकर बैठ गया. जब दुकान के लड़के ने कार के पास जाकर ऑनलाइन पेमेंट के लिए क्यूआर कोड दिखाया, तो कार में बैठा शख्स झगड़ा करने लगा. दुकानदार ने बिना वक्त गंवाए तुरंत डायल-112 पर फोन कर पुलिस को इसकी सूचना दे दी. महज कुछ ही मिनटों में 4-5 पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए और कार सवार चारों लोगों को नीचे उतरने को कहा.

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'आपको सैल्यूट क्यों करें? वर्दी पहने होते तो...'

जैसे ही आरोपी कार से नीचे उतरा, उसने पुलिसकर्मियों पर ही रौब झाड़ना शुरू कर दिया. उसने कहा, मैं नोएडा से यहां इंस्पेक्शन के लिए आया हूं. मैं IPS अफसर हूं, मुझे सैल्यूट करो. इस पर एक सिपाही ने दो टूक जवाब दिया, आपको सैल्यूट क्यों करें? वर्दी पहने होते और कैप लगाई होती, तो जरूर सैल्यूट करते. इतना सुनते ही फर्जी अफसर पुलिसवालों की नेमप्लेट देख-देखकर धमकी देने लगा, अच्छा, तुम्हारा नाम यह है? रुको, तुमको बताता हूं. भैया क्या होता है मुझे सर बोलो.

इसी बीच वहां एक बड़े पुलिस अधिकारी पहुंच गए. पूरा माजरा समझने के बाद उन्होंने कड़े लहजे में कहा, सैल्यूट बाद में करना, पहले इसकी गाड़ी हटाओ. पुलिस का सख्त रवैया देख आरोपी की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई और पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया.

रोते हुए कबूल किया जुर्म

महानगर थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने बताया कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति का नाम मिथलेश शुक्ला है, जो मड़ियांव के भरतनगर का रहने वाला है. जब थाने लाकर उससे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने रोते हुए अपना जुर्म कबूल कर लिया.

आरोपी कोई अफसर नहीं, बल्कि नोएडा में प्राइवेट कंपनी (सैमसंग कंपनी) का अकाउंटेंट है. 2 साल पहले वह इलेक्ट्रॉनिक्स का शोरूम चलाता था, जिसमें घाटा होने के बाद उसने शोरूम बंद कर दिया और प्राइवेट नौकरी पकड़ ली. आरोपी ने कुबूल किया कि वह इससे पहले भी लखनऊ में दो बार IPS बनकर दुकानदारों पर रौब झाड़ चुका है और बिना पैसे दिए सामान डकार चुका है. महानगर पुलिस ने आरोपी मिथलेश शुक्ला के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है. महज 40 रुपये बचाने के चक्कर में फर्जी साहब का रूतबा अब जेल की हवा खा रहा है.

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