कांग्रेस ने राम मंदिर चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग की है. पार्टी का कहना है कि यह मामला हिंदुओं की आस्था से जुड़ा है और इसे अंजाम देने वालों ने महमूद गजनवी को भी पीछे छोड़ दिया है.
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि कथित अनियमितताओं की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) केवल दिखावा है.
उन्होंने कहा कि इस घटना ने न केवल हिंदुओं को, बल्कि भगवान राम में गहरी आस्था रखने वाले करोड़ों लोगों को भी बहुत आहत किया है और इतिहास में शायद ऐसा कभी नहीं हुआ है.
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उन्होंने कहा, 'यह केवल धोखाधड़ी का मामला नहीं है, और न ही यह केवल करोड़ों रुपये की हेराफेरी का मामला है. यह हिंदुओं की आस्था पर हमला है, उनकी मान्यताओं पर प्रहार है. CBI को सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में पूरे मामले की जांच करनी चाहिए.'
कांग्रेस नेता ने कहा कि SIT द्वारा की गई जांच को सार्वजनिक किया जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया, सिर्फ छोटी मछलियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बड़ी मछलियों को छोड़ दिया गया है. श्रीनेत ने कहा कि चढ़ावे की रकम में हेराफेरी करने वालों ने महमूद गजनवी को भी पीछे छोड़ दिया है.
इतिहास की किताबों के अनुसार, महमूद गजनवी एक आक्रमणकारी था जिसने गुजरात में सोमनाथ मंदिर के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया था और उसकी संपत्ति लूटी थी.
सुप्रिया श्रीनेत ने सवाल किया कि BJP और RSS ने भगवान राम मंदिर के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार ट्रस्ट में अपने सदस्यों को भरा है. SIT जांच की प्रगति को सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है? बड़ी मछलियाँ क्यों नहीं पकड़ी गईं? शक के दायरे में आए लोगों को क्यों नहीं पकड़ा गया? प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं?
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