आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर चलेगा बुलडोजर! भड़के इमरान मसूद, कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की लगाई गुहार

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रशासन द्वारा की जा रही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने इस मामले में माननीय उच्च न्यायालय तथा सर्वोच्च न्यायालय से तुरंत स्वतः संज्ञान लेने की बड़ी मांग की है.

Advertisement
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद  (Photo: ITG) कांग्रेस सांसद इमरान मसूद (Photo: ITG)

राहुल कुमार

  • सहारनपुर ,
  • 16 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 3:54 PM IST

Uttar Pradesh News: सहारनपुर के कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 40 में से 38 भवनों को ध्वस्त करने के प्रशासनिक आदेश की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि इससे छात्रों के भविष्य पर आघात पहुंचेगा. उन्होंने सरकार द्वारा की जा रही इस कार्रवाई को पूरी तरह गैर-न्यायसंगत और नाइंसाफी करार दिया. सांसद ने तर्क दिया कि यदि विश्वविद्यालय के भवनों का मानचित्र स्वीकृत नहीं था, तो इसे ढहाने के बजाय कंपाउंडिंग जैसे कानूनी रास्तों से हल किया जाना चाहिए था. उन्होंने इस गंभीर विषय पर अदालती दखल की मांग उठाई.

Advertisement

शिक्षा के मंदिर को निशाना बनाना गलत

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि शिक्षा के मंदिर पर बुलडोजर चलाना वास्तव में वहां पढ़ रहे हजारों-लाखों छात्रों और नौजवानों के भविष्य को बर्बाद करने जैसा है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर आजम खान से सरकार की कोई राजनीतिक नाराजगी या बगावत थी, तो उसके लिए उन्हें पहले ही जेल में रखा जा चुका है. लेकिन किसी राजनीतिक मतभेद के कारण इतने बड़े और महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान को निशाना बनाना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं ठहराया जा सकता.

कंपाउंडिंग समेत कई कानूनी रास्ते मौजूद

इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि विश्वविद्यालय का कोई भी भवन मानचित्र के अनुरूप तैयार नहीं हुआ था, तो भी सरकार के पास कंपाउंडिंग कराने समेत कई दूसरे कानूनी रास्ते खुले हुए थे. उन्होंने सुझाव दिया कि यदि सरकार को आजम खान द्वारा इस विश्वविद्यालय के संचालन किए जाने पर कोई आपत्ति या बुरा लग रहा है, तो वह अपने सरकारी लोगों के माध्यम से इस पूरी यूनिवर्सिटी का संचालन करा सकती है, लेकिन इसे ध्वस्त नहीं किया जाना चाहिए.

Advertisement

इसे सिर्फ मुसलमानों का मुद्दा न माना जाए

सांसद ने जोर देकर कहा कि इस शानदार विश्वविद्यालय को खड़ा करने में वर्षों का लंबा समय और मेहनत लगी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी खुद शिक्षा को बढ़ावा देने की वकालत करते हैं, इसलिए शिक्षा के ऐसे प्रमुख केंद्रों को बचाया जाना बेहद जरूरी है. उन्होंने आगाह किया कि केवल यह सोचकर इस मुद्दे पर चुप नहीं रहा जा सकता कि यह मामला मुसलमानों से जुड़ा हुआ है. यह किसी एक समुदाय का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर देश के युवाओं के भविष्य का मुद्दा है.

यह भी पढ़ें: रामपुर: जौहर यूनिवर्सिटी के बाहर हलचल तेज, प्रशासन ने लगाया कैंप, चल सकता है बुलडोजर!

अदालत से स्वतः संज्ञान लेने की गुहार

मसूद ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों पर कार्रवाई करने का सीधा मतलब यह है कि आप पूरे संस्थान को ही हमेशा के लिए खत्म कर रहे हैं. यह कदम किसी भी सूरत में न्यायसंगत नहीं है. इसी वजह से उन्होंने देश की न्यायपालिका से अपील की है कि इस संवेदनशील मामले में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को स्वयं ही आगे आकर स्वतः संज्ञान लेना चाहिए और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उचित कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »