बहराइच की दरगाह के चढ़ावे में हेराफेरी का दावा, ज्वेलरी गायब होने के आरोप, सपा के पूर्व मंत्री भी घिरे

बहराइच सैयद सालार मसूद गाजी दरगाह वक्फ 19 में भ्रष्टाचार के आरोपों पर बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने सीएम योगी से SIT जांच की मांग की. पूर्व सपा मंत्री यासर शाह भी घेरे में. जानिए पूरी रिपोर्ट...

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सैयद सालार मसूद गाजी दरगाह में भ्रष्टाचार के आरोपों से मचा हड़कंप. (Photo: Representational) सैयद सालार मसूद गाजी दरगाह में भ्रष्टाचार के आरोपों से मचा हड़कंप. (Photo: Representational)

राम बरन चौधरी

  • बहराइच ,
  • 19 जून 2026,
  • अपडेटेड 9:14 PM IST

UP News: बहराइच जिले स्थित सैयद सालार मसूद गाजी दरगाह इन दिनों भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के चलते सुर्खियों में आ गई है. इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की है.

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कुंवर बासित अली ने दरगाह शरीफ वक्फ नंबर 19 की बेशकीमती परिसंपत्तियों के दुरुपयोग और पिछले 20 साल के दौरान वक्फ की इंतजामिया कमेटी के किए गए सभी वित्तीय लेनदेन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है.

बीजेपी नेता ने आरोप लगाया है कि मौजूदा इंतजामिया कमेटी दरगाह में आने वाले भारी चढ़ावे, दान और चंदे की राशि में बड़े पैमाने पर हेराफेरी कर रही है.

इसके साथ ही, समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री यासर शाह पर भी इस कमेटी में शामिल होकर धन का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच कराने के लिए मुख्यमंत्री से अपील की गई है.

पुश्तैनी खादिमों का बड़ा दावा 
इस विवाद में तब नया मोड़ आ गया जब दरगाह क्षेत्र के दो पुश्तैनी खादिमों ने भी सामने आकर इंतजामिया कमेटी पर करोड़ों रुपये की हेराफेरी के सीधे आरोप जड़ दिए.

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खादिमों का दावा है कि श्रद्धालुओं द्वारा दरगाह शरीफ पर चढ़ाई गई सोने-चांदी की कीमती ज्वेलरी अब वहां से गायब हो चुकी है. उन्होंने खुलेआम चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह आभूषण गायब नहीं हुए हैं और सुरक्षित हैं, तो इंतजामिया कमेटी उन्हें सार्वजनिक रूप से दिखाए.

नियमों के उल्लंघन का आरोप
इसके अलावा, मौजूदा खादिम अजमतउल्ला पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अजमतउल्लाह को इंतजामिया कमेटी में मेंबर होने के साथ-साथ वहां 'खादिम' भी बनाया गया है, जो कि वक्फ के तय नियमों के पूरी तरह खिलाफ है.

इंतजामिया कमेटी की सफाई 
इन चौतरफा और तीखे आरोपों पर दरगाह शरीफ इंतजामिया कमेटी ने भी तुरंत अपना पक्ष रखते हुए कड़ी सफाई दी है. कमेटी के वरिष्ठ सदस्य एडवोकेट दिलशाद अहमद ने कहा कि दरगाह पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के सभी आरोप पूरी तरह से निराधार, मनगढ़ंत और बेबुनियाद हैं.

दरगाह शरीफ का प्रत्येक वित्तीय लेनदेन पूरी तरह पारदर्शी है और सभी कार्य वक्फ बोर्ड के नियमों के अनुकूल ही किए जा रहे हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दरगाह में कर्मचारियों की नियुक्तियां भी पूरी पारदर्शिता के साथ की जाती हैं.

वहीं, दरगाह शरीफ वक्फ नंबर 19 के स्टेनो आरिफ ने तकनीकी पक्ष रखते हुए बताया कि दरगाह में जो भी चढ़ावा या दान आता है, वह पूरी तरह से हाई-टेक CCTV कैमरों की कड़ी निगरानी में रहता है.

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इसके साथ ही चढ़ावे की जो गिनती की जाती है, वह भी सीसीटीवी कैमरों के सामने लाइव रिकॉर्ड होती है, इसलिए किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या हेराफेरी की गुंजाइश ही नहीं है. फिलहाल, SIT जांच की इस मांग ने क्षेत्र के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है.

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