आजम खान को कोर्ट से झटका, 2 साल की सजा बरकरार, इस केस में मिली राहत

आजम खान को तनखैया वाले बयान और हेट स्पीच के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने पहले मामले में दो साल की सजा को बरकरार रखा है. हेच स्पीच के मामले में एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने उनको राहत दी है.

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सपा नेता आजम खान की 2 साल की सजा बरकरार. (File Photo: ITG) सपा नेता आजम खान की 2 साल की सजा बरकरार. (File Photo: ITG)

आमिर खान

  • नई दिल्ली,
  • 18 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:10 PM IST

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुनाया. एक मामले में अदालत ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई दो साल की सजा को बरकरार रखा, जबकि दूसरे हेट स्पीच मामले में निचली अदालत के बरी करने के फैसले को भी कायम रखा.

पहला मामला आजम खान के 'तनखैया' वाले बयान से जुड़ा है. इस मामले में निचली अदालत ने उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी. निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए आजम खान ने सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी. हालांकि, सेशन कोर्ट ने उनकी अपील खारिज करते हुए दो साल की सजा को बरकरार रखा.

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यह मामला 29 मार्च 2019 को लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए भाषण से जुड़ा है. आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत भोट थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी, इस मामले में 16 मई 2026 को निचली अदालत ने आजम खान को दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई थी. अब सेशन कोर्ट ने भी उस फैसले को बरकरार रखा है.

हेट स्पीच मामले में राहत  

दूसरा मामला आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता फैसल खान लाला की ओर से दर्ज कराए गए हेट स्पीच केस से जुड़ा है. इस मामले में निचली अदालत ने आजम खान को बरी कर दिया था. निचली अदालत के फैसले के खिलाफ फैसल खान लाला ने सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी. यह मामला भी 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए भाषण से जुड़ा है. आरोप था कि 29 मार्च 2019 को आजम खान ने अपने पार्टी कार्यालय पर भड़काऊ भाषण दिया था, जिसके बाद 2 अप्रैल 2019 को फैसल खान लाला ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी.

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आजम खान हुए थे बरी 

इस मामले में 18 दिसंबर 2025 को निचली अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में आजम खान को बरी कर दिया था. इसी फैसले को चुनौती देते हुए फैसल खान लाला ने सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी. हालांकि, रामपुर की एमपी-एमएलए विशेष सेशन कोर्ट ने अपील खारिज करते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा और आजम खान को इस मामले में दोषमुक्त ही रखा.

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