उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित राम मंदिर के दान की गिनती को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी SIT ने अपनी जांच में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं. SIT की रिपोर्ट के मुताबिक बैंक को दिए गए काम को पूरी तरह से नहीं निभाया गया.
इस मामले में अब अयोध्या पुलिस SBI के अधिकारियों के साथ साथ बैंक की तरफ से रखे गए बाहरी कर्मचारियों से भी पूछताछ करने की तैयारी में है.
SIT की जांच में सामने आया है कि राम मंदिर में आने वाले दान की गिनती के लिए जो एमओयू और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर यानी SOP तय किए गए थे, उसमें SBI की जिम्मेदारी सिर्फ गिनती के बाद कैश जमा करने तक सीमित नहीं थी. बैंक को गिनती की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करनी थी.
इसके अलावा नोट गिनने वाली मशीनों का सही ढंग से काम करना भी सुनिश्चित करना था. गिनती में लगे कर्मचारियों पर नजर रखना, सुरक्षा नियमों को लागू करवाना और तय SOP का पूरी तरह पालन करवाना भी बैंक की ही जिम्मेदारी थी.
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लेकिन जांच में पता चला है कि बैंक ने ये सारी जिम्मेदारियां सही तरीके से नहीं निभाईं. SIT ने पाया कि SOP में जो सुरक्षा उपाय तय किए गए थे, उनमें से कई या तो लागू ही नहीं किए गए या फिर ठीक से लागू नहीं किए गए. इस वजह से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही कमजोर पड़ गई.
रिपोर्ट में कहा गया है कि तय नियमों का सही तरीके से पालन न होने की वजह से दान की निगरानी के लिए बनाया गया चेक एंड बैलेंस सिस्टम भी कमजोर हो गया. जांच टीम का मानना है कि बैंक की तरफ से तय प्रक्रियाओं का पालन न करवाना ही जांच में मिली बड़ी खामियों की एक अहम वजह बना.
सूत्रों के मुताबिक अब यह जांच और आगे बढ़ाई जाएगी. अयोध्या पुलिस जल्द ही SBI के उन अधिकारियों से पूछताछ करेगी जो दान प्रबंधन से जुड़े हुए थे. साथ ही बैंक ने कैश गिनने के लिए जिन बाहरी कर्मचारियों को रखा था, उनसे भी सवाल जवाब किए जाएंगे. पूछताछ के दौरान इस बात पर खास ध्यान दिया जाएगा कि बाहरी कर्मचारियों को किस आधार पर और कैसे तैनात किया गया था.
समर्थ श्रीवास्तव