'ट्रस्ट भंग, SC की निगरानी में जांच...', राम मंदिर में चंदा चोरी पर क्या बोले अवधेश प्रसाद

फैजाबाद सांसद अवधेश प्रसाद ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान राशि से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आरोपों को गंभीर बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है और यदि आरोप सही हैं तो यह विश्वास के साथ खिलवाड़ होगा. उन्होंने संबंधित ट्रस्ट पदाधिकारियों को निलंबित करने तथा सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने की मांग की.

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अवधेश प्रसाद ने कहा कि उन्हें SIT से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है. File Photo ITG अवधेश प्रसाद ने कहा कि उन्हें SIT से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है. File Photo ITG

मयंक शुक्ला

  • अयोध्या,
  • 14 जून 2026,
  • अपडेटेड 4:33 PM IST

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और दान राशि से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. फैजाबाद से सांसद अवधेश प्रसाद ने इस प्रकरण को करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.

सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित की गई दान राशि को लेकर जो आरोप सामने आए हैं, वे बेहद चिंताजनक हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में लोगों की धार्मिक भावनाओं और आस्था को ठेस पहुंचाई जा रही है. उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल आर्थिक अनियमितता नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों के विश्वास के साथ खिलवाड़ होगा.

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उन्होंने मांग की कि मामले का पूरा सच सामने लाया जाए और जांच पूरी होने तक संबंधित ट्रस्ट पदाधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए. सांसद ने कहा कि कथित खुलासे के बाद भी अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है, जिससे लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं.

प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT जांच पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए. अवधेश प्रसाद ने कहा कि उन्हें SIT से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि यह मामला केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है. उनके अनुसार, राम मंदिर देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए इसकी जांच सर्वोच्च स्तर पर होनी चाहिए.

सांसद ने मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी वर्तमान या रिटायर न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित स्वतंत्र समिति से कराई जाए, ताकि निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके तथा श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे. उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की श्रद्धा का प्रतीक है और इससे जुड़े किसी भी विवाद का निष्पक्ष व पारदर्शी समाधान होना आवश्यक है.

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