राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपियों से पूछताछ में बड़ा खुलासा, CEO नियुक्ति की तैयारी तेज

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में कई नए खुलासे हुए हैं. इसी बीच ट्रस्ट ने CEO नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी है और राम कथा संग्रहालय समेत कई नई व्यवस्थाओं पर भी काम आगे बढ़ रहा है.

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राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस का बड़ा खुलासा. (File photo) राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस का बड़ा खुलासा. (File photo)

मयंक शुक्ला

  • अयोध्या,
  • 12 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 4:33 PM IST

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ कई नई बातें सामने आई हैं.  पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चोरी के तरीके को लेकर कुछ बेहद अहम जानकारियां दी हैं. इसके साथ ही ट्रस्ट ने परिसर की सुरक्षा के लिहाज से CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया भी तेज कर दी है. दूसरी तरफ राम कथा संग्रहालय, मंदिर की व्यवस्थाओं और 22 जुलाई की ट्रस्ट बैठक को लेकर भी तैयारियां जारी हैं.

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पुलिस की जांच में पता चला है कि चढ़ावा चोरी की ये सभी घटनाएं सिर्फ शाम वाली शिफ्ट में ही होती थीं. मंदिर में पहले चढ़ावे की गिनती दो अलग-अलग पालियों में की जाती थी. पहली शिफ्ट सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलती थी, जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे तक होती थी. पुलिस की जांच में यह बात पूरी तरह साफ हो गई है कि चोरी सिर्फ इसी दूसरी शिफ्ट के दौरान की गई, क्योंकि इस समय आरोपियों के लिए हाथ साफ करना ज्यादा आसान था.

रिमांड पर लेकर हुई पूछताछ के दौरान अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. पुलिस के मुताबिक महज 40 दिनों के भीतर करीब 70 बार चढ़ावे की चोरी की गई. इनमें सबसे ज्यादा 50 से अधिक बार चोरी अकेले अविनाश शुक्ला ने की, जो कई बार एक ही दिन में दो-दो बार चोरी करता था. इस पूरे खेल में अनुकल्प मिश्रा हर बार उसकी मदद करता था. जांच में ऐसे पांच दिन भी मिले हैं, जब एक ही दिन में तीन-तीन बार चढ़ावा पार किया गया.

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चढ़ावे की गिनती का सिस्टम बदला

जांच में सामने आए इन गंभीर तथ्यों के बाद ट्रस्ट ने तुरंत एक्शन लेते हुए चढ़ावे की गिनती का तरीका पूरी तरह बदल दिया है. लिहाजा, अब दो शिफ्टों की जगह सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक सिर्फ एक ही शिफ्ट में दान की गिनती की जाएगी. इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद काउंटिंग में लगे कुछ कर्मचारियों ने विरोध में काम छोड़ दिया है. इस मामले में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव से भी दोबारा पूछताछ की तैयारी चल रही है. पुलिस ने इन दोनों की सात दिन की कस्टडी मांगी है, जिस पर 14 जुलाई को कोर्ट में सुनवाई होने की उम्मीद है.

CEO की नियुक्ति की तैयारी तेज

इसी बीच राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ा दिया है. सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए बनाई गई सर्च कमेटी उम्मीदवारों के लिए जरूरी योग्यता समेत चयन की पूरी प्रक्रिया तय कर रही है. आवेदन मिलने के बाद कमेटी सभी उम्मीदवारों से सीधे बातचीत भी करेगी. ट्रस्ट का साफ कहना है कि CEO की नियुक्ति पूरी तरह उसके अधिकार क्षेत्र का विषय है, लिहाजा इस पर अंतिम फैसला ट्रस्ट के नियमों के मुताबिक ही लिया जाएगा.

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100 करोड़ रुपये का बनेगा राम कथा संग्रहालय

विवादों से इतर, मंदिर परिसर में बनने वाले राम कथा संग्रहालय पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. यह राशि पूरे मंदिर निर्माण बजट का हिस्सा होगी. इस संग्रहालय में भगवान श्रीराम के जीवन, वनगमन यात्रा, देश की नदियों से उनके संबंध और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के जरिए दिखाया जाएगा. यहां आने वाले भक्तों के लिए स्मारिका केंद्र, विश्राम कक्ष, और आधुनिक विजिटर सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी.  म्यूजियम में टिकट व्यवस्था लागू होगी या नहीं, इसका फैसला आने वाली बैठक में किया जाएगा.

मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या घटने की तमाम चर्चाओं को ट्रस्ट के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने पूरी तरह खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, लिहाजा वे यहां की व्यवस्थाओं से पूरी तरह संतुष्ट हैं. आगामी 22 जुलाई को प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक में निर्माण कार्यों समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. हालांकि, बैठक का आधिकारिक और अंतिम एजेंडा अभी जारी होना बाकी है, जिसके सामने आने के बाद ही आगे की रणनीति तय होगी.
 

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