भव्य राम मंदिर में रामलला के चरणों में आने वाले चढ़ावा में कथित हेराफेरी के मामले ने अब बेहद तूल पकड़ लिया है. इस कथित घोटाले पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए दोषियों के लिए सबसे कड़ी सजा की मांग की है.
उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि भगवान के घर में इस तरह का अपराध करने वालों को "सीधे फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए." इस बीच, विशेष जांच दल (SIT) ने मुख्य आरोपी को कस्टडी रिमांड पर लेकर वित्तीय हेरफेर और पैसों की रिकवरी के लिए जांच तेज कर दी है.
महंत दिनेंद्र दास महाराज ने मामले की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए पुष्टि की कि मुख्य आरोपियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है. उन्होंने भरोसा जताया कि स्थानीय प्रशासन पूरी ताकत से काम कर रहा है और गबन की गई राशि को पूरी तरह से वसूल ली जाएगी.
उन्होंने कहा, 'रामलला के यहां जांच चल रही है वो सरकार की देखरेख में हो रही है. जो चोर हैं वो जेल में पहुंच गए हैं. चोरी कम हो या ज्यादा, चोरी तो चोरी है. शासन पूरी तरह जांच कर रहा हैं. चोर अपनेआप जेल में पहुंच जाएगा. जिन्होंने रामलला के यहां ये काम किया है उन्हें फांसी दे देनी चाहिए.'
मामले पर सियासी संग्राम
इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की टीम जांच को आगे बढ़ाने के लिए राम मंदिर परिसर पहुंची. सरकार ने एसआईटी का दायरा बढ़ाते हुए उसे 15 दिन का सेवा विस्तार भी दिया है ताकि इस नेटवर्क में शामिल हर चेहरे को बेनकाब किया जा सके. अयोध्या पुलिस ने मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को कोर्ट से 24 घंटे की कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की है और 'क्राइम सीन रीक्रिएट' कर पैसों की रिकवरी की कोशिश कर रही है.
इस कथित चोरी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है. विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे ने इसे "बेहद हैरान करने वाला" बताते हुए राज्य सरकार के सुरक्षा दावों पर सीधा हमला बोला. उन्होंने तर्क दिया कि चोरों और माफियाओं को खत्म करने का दावा करने वाली सरकार देश के सबसे हाई-प्रोफाइल मंदिर के चढ़ावे को सुरक्षित रखने में नाकाम रही.
विपक्ष के इन तीखे हमलों पर पलटवार करते हुए शिवसेना नेता शाइना एनसी ने मंदिर प्रशासन का खुलकर बचाव बचाव करते हुए कहा कि राम मंदिर आस्था का पवित्र केंद्र है, कोई व्यावसायिक संस्था नहीं. शाइना एनसी ने कहा, "लोगों ने जो दान दिया है, वह पब्लिक डोमेन में है. किसी भी ट्रस्ट का ऑडिट होता है और वह सबके सामने रहता है. जब चोरी हुई है, तो आप चोरी पर टिप्पणी कीजिए, राम मंदिर के नाम पर सियासत मत कीजिए."
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