हाथ में एक छोटी-सी गांठ थी. शुरुआत में महिला ने सोचा कि शायद कोई सामान्य सूजन होगी, जो कुछ दिनों में ठीक हो जाएगी. लेकिन धीरे-धीरे वह गांठ बड़ी होती गई. दर्द भी बढ़ता गया. करीब एक साल तक परेशानी झेलने के बाद जब महिला अस्पताल पहुंची तो डॉक्टरों ने जांच की. लेकिन जो सच सामने आया, उसने महिला के साथ-साथ डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया.महिला के हाथ के अंदर 10-10 सेंटीमीटर लंबे दो जिंदा कीड़े पल रहे थे.
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हैरान कर देने वाला मामला चीन के ग्वांगडोंग प्रांत के शेनझेन शहर का है, जहां डॉक्टरों ने एक महिला के हाथ से दो जीवित परजीवी कीड़े निकालकर उसकी जानलेवा परेशानी खत्म की.
एक साल तक बढ़ती रही गांठ
रिपोर्ट के मुताबिक, महिला का उपनाम वांग है. उसने बताया कि करीब एक साल पहले उसके हाथ पर एक छोटी गांठ दिखाई दी थी. शुरुआत में उसने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया.
लेकिन समय के साथ वह गांठ लगातार बड़ी होती गई और आखिरकार बटेर के अंडे जितनी हो गई. इसके साथ ही हाथ में तेज दर्द भी शुरू हो गया. जब दर्द असहनीय हो गया तो वांग इलाज के लिए शेनझेन पीपुल्स हॉस्पिटल पहुंची.
जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच
डॉक्टरों ने गांठ की जांच की और फिर उसे निकालने का फैसला किया. ऑपरेशन के दौरान जो नजारा दिखा, उसे देखकर हर कोई हैरान रह गया. महिला के हाथ के अंदर से दो जिंदा कीड़े निकले। दोनों की लंबाई करीब 10 सेंटीमीटर थी. डॉक्टरों ने बताया कि ये स्पार्गेनम नाम के परजीवी थे. यह एक ऐसा परजीवी है जो इंसानों के शरीर में पहुंचने के बाद अलग-अलग हिस्सों में घूम सकता है.
आखिर शरीर के अंदर पहुंचे कैसे?
जब डॉक्टरों ने महिला से उसकी दिनचर्या के बारे में पूछा तो एक अहम जानकारी सामने आई. वांग ने बताया कि वह अक्सर घर में मेंढक पकाती थी. मेंढक काटने के लिए जिस चॉपिंग बोर्ड और चाकू का इस्तेमाल करती थी, उसी पर बाद में सलाद और दूसरी ठंडी डिश भी तैयार कर लेती थी.
डॉक्टरों के मुताबिक, संभव है कि मेंढक के शरीर में मौजूद स्पार्गेनम के सिस्ट चॉपिंग बोर्ड और चाकू पर चिपक गए हों. बाद में जब उसी बोर्ड पर बिना पकाई जाने वाली चीजें काटी गईं तो परजीवी खाने के जरिए शरीर में पहुंच गए.
शरीर के अंदर क्या करते हैं ये कीड़े?
अस्पताल के त्वचा रोग विभाग के डॉक्टरों ने बताया कि स्पार्गेनम दूसरे परजीवियों की तरह इंसानी शरीर में वयस्क नहीं बनता. इसके बजाय यह शरीर के अलग-अलग हिस्सों में घूमता रहता है.
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डॉक्टरों के अनुसार ये परजीवी त्वचा के नीचे, मांसपेशियों में, आंखों में, सीने में, यहां तक कि दिमाग और आंतरिक अंगों तक पहुंच सकते हैं.इनका सबसे आम लक्षण त्वचा के नीचे गांठ बनना है, लेकिन अगर ये दिमाग या आंखों तक पहुंच जाएं तो गंभीर नुकसान भी हो सकता है.
डॉक्टरों ने दी चेतावनी
डॉक्टरों ने लोगों को रसोई में साफ-सफाई को लेकर खास सावधानी बरतने की सलाह दी है.उन्होंने कहा कि कच्चे मांस, मछली या मेंढक काटने वाले चॉपिंग बोर्ड और चाकू का इस्तेमाल सीधे खाने वाली चीजों के लिए नहीं करना चाहिए.सिर्फ डिटर्जेंट से धो लेने भर से हमेशा परजीवियों के अंडे पूरी तरह खत्म नहीं होते.
चीन में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
चीन में इंसानी शरीर से कीड़े निकलने के कई चौंकाने वाले मामले पहले भी सामने आ चुके हैं.अप्रैल में ग्वांगडोंग प्रांत में ही डॉक्टरों ने एक महिला के दिमाग से 8 सेंटीमीटर लंबा कीड़ा निकाला था. महिला को लंबे समय से रहस्यमय स्वास्थ्य समस्याएं हो रही थीं.
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इसी तरह मई में गुआंग्शी क्षेत्र में एक व्यक्ति के दिमाग से 5 सेंटीमीटर लंबा कीड़ा निकाला गया था. वह अक्सर बिना साफ किया हुआ पहाड़ी पानी पीता था और कच्चा सूअर का खून भी पीता था.
एक छोटी लापरवाही बन सकती है बड़ी मुसीबत
वांग के मामले ने एक बार फिर दिखा दिया कि रसोई में बरती गई छोटी-सी लापरवाही भी कितनी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है.एक साल तक जिस दर्द और सूजन को वह सामान्य समस्या समझती रही, उसके पीछे असल वजह उसके हाथ के अंदर जिंदा घूम रहे दो खतरनाक परजीवी थे. अच्छी बात यह रही कि समय रहते डॉक्टरों ने उन्हें बाहर निकाल दिया, वरना ये कीड़े शरीर के दूसरे हिस्सों तक पहुंचकर और भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकते थे.
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