विदेश जाकर काम करना लाखों भारतीय युवाओं का सपना होता है. ज्यादातर लोग मानते हैं कि इसकी सबसे बड़ी वजह अच्छी सैलरी है. लेकिन क्या सिर्फ ज्यादा पैसा ही लोगों को अपना देश छोड़ने पर मजबूर करता है? हाल ही में सामने आई दो भारतीय महिलाओं की कहानी बताती है कि सैलरी और पैसे से भी बढ़कर कई चीजें हैं. उनके लिए पैसों से भी ज्यादा मायने रखती है आजादी, बेहतर माहौल और अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने का मौका. इंस्टाग्राम क्रिएटर उमंग चौधरी ने अमेरिका में काम कर रहीं दो भारतीय महिलाओं से एक दिलचस्प सवाल पूछा. उन्होंने पूछा कि अगर उन्हें अमेरिका में सालाना 2 लाख डॉलर (करीब 1.9 करोड़ रुपये) और भारत में 40 लाख रुपये सालाना में से किसी एक को चुनना हो, तो वे क्या चुनेंगी? दोनों ने बिना ज्यादा सोचे अमेरिका की नौकरी चुनी.
इन दोनों महिलाओं के नाम तनुश्री और शिवानी हैं. तनुश्री दिल्ली की रहने वाली हैं, जबकि शिवानी उत्तर प्रदेश के वाराणसी से हैं. दोनों अमेरिका में सेल्सफोर्स कंपनी में काम करती हैं. तनुश्री सीनियर सक्सेस गाइड हैं और शिवानी सीनियर टेक्निकल सपोर्ट इंजीनियर. फिलहाल दोनों की सालाना कमाई करीब 1.3 लाख से 1.5 लाख डॉलर के बीच है. जब शिवानी से पूछा गया कि आखिर उन्होंने अमेरिका को क्यों चुना, तो उनका जवाब सिर्फ सैलरी तक सीमित नहीं था. उन्होंने कहा कि भारत में भी उन्हें 40 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिल चुका है. लेकिन फिर भी अगर दोबारा मौका मिले तो वह अमेरिका की नौकरी ही चुनेंगी.
सैलरी से भी ज्यादा जरूरी है आजादी
शिवानी ने कहा कि वह अमेरिका इसलिए आईं क्योंकि यहां उन्हें अपनी जिंदगी अपने हिसाब से जीने की आजादी मिलती है. यहां लोग बिना वजह किसी की जिंदगी में दखल नहीं देते और न ही हर बात पर जज करते हैं. उनका कहना था कि अगर यह आजादी और खुला माहौल न होता, तो शायद वह भारत वापस लौट जातीं. तनुश्री की सोच भी कुछ ऐसी ही है. उन्होंने कहा कि अमेरिका में सिर्फ अच्छी सैलरी ही नहीं, बल्कि बेहतर लाइफस्टाइल भी मिलती है. उन्होंने कहा कि यहां साफ हवा है, नल का पानी बिना डर के पी सकते हैं और रोजमर्रा की जिंदगी ज्यादा आसान महसूस होती है. उनके मुताबिक, अच्छी कमाई के साथ अगर अच्छी जिंदगी भी मिले, तो फैसला करना मुश्किल नहीं रहता.
बात सिर्फ कमाई की नहीं है. दोनों महिलाओं ने अपनी बचत और खर्च के बारे में भी खुलकर बताया. उनका कहना है कि वे हर साल 1.3 से 1.5 लाख डॉलर कमाती हैं और टैक्स देने के बाद भी अपनी कमाई का करीब 50 प्रतिशत बचा लेती हैं. उन्होंने बताया कि हर महीने उनका किराया करीब 1,600 डॉलर होता है. इसके अलावा बिजली, पानी और दूसरी यूटिलिटी सेवाओं पर करीब 400 डॉलर खर्च होते हैं. बाकी पैसों से वे घूमने-फिरने, शॉपिंग करने और अपनी पसंद की चीजों पर खर्च करती हैं.
पैसे सिर्फ बचाने के लिए नहीं होता
तनुश्री का मानना है कि जिंदगी सिर्फ पैसे बचाने के लिए नहीं है. उन्होंने कहा कि इंसान को खुद पर भी खर्च करना चाहिए. वह और उनके दोस्त लगभग हर दो महीने में अमेरिका के अलग-अलग नेशनल पार्क और नई जगहों पर घूमने जाते हैं, ताकि जिंदगी के अच्छे पल भी जी सकें. इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है. कुछ लोगों का कहना है कि भारत में परिवार और अपनेपन की खुशी सबसे बड़ी होती है.
वहीं कई लोगों ने माना कि अगर बेहतर वर्क कल्चर, साफ माहौल और व्यक्तिगत आजादी मिले तो विदेश में रहना बुरा विकल्प नहीं है. आखिर में यह सवाल सिर्फ 40 लाख और 2 लाख डॉलर की सैलरी का नहीं है. यह उस जिंदगी का सवाल है जिसमें इंसान अपने फैसले खुद ले सके, खुलकर जी सके और काम के साथ-साथ अपनी खुशियों के लिए भी समय निकाल सके. शायद यही वजह है कि इन दोनों भारतीय महिलाओं ने ज्यादा पैसे के साथ बेहतर जीवन को चुना.
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