UAE में तेज गर्मी से पुलिस सख्त, कार में की ये गलती तो होगी जेल! क्या भारत में भी होना चाहिए?

यूएई में बढ़ते तापमान को देखते हुए पुलिस सख्त हो गई है. अगर वहां इस वक्त कोई कार में अपने बच्चे को छोड़कर चला जाता है तो उसे जेल भी हो सकती है.

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यूएई में बच्चों को कार में छोड़कर जाना अपराध है. (Photo: Pexels) यूएई में बच्चों को कार में छोड़कर जाना अपराध है. (Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:51 AM IST

संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई अपने कड़े नियमों के लिए जाना जाता है. अब यहां बढ़ती गर्मी को लेकर भी एक नियम लागू किया गया है, जो अन्य देशों में देखने को नहीं मिलता है. दरअसल, यहां की पुलिस बढ़ती गर्मी को लेकर सख्त हो गई है और अब पुलिस की ओर से उन लोगों पर कार्रवाई की जाएगी, जो इस भयानकर गर्मी में बच्चों के अकेले कार में छोड़कर कहीं चले जाते हैं. शारजाह, अजमान, फुजैराह में पुलिस ने बच्चों को खड़ी गाड़ियों के अंदर बिना निगरानी के छोड़ने पर कार्रवाई  करने की बात कही है. 

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खलीज टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अभी वहां पारा 45 डिग्री से 50 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है, इसलिए अधिकारी इस मौसमी खतरे को लेकर सख्त रुख अपना रहे हैं.  कानून प्रवर्तन एजेंसियां ​​भीषण गर्मी से होने वाली दुर्घटनाओं और मौतों को रोकने के लिए गहन जागरूकता अभियान चला रही हैं. शारजाह पुलिस के यातायात के डायरेक्टर ब्रिगेडियर खालिद अल-काय ने इस बात पर जोर दिया कि भीषण गर्मी के महीनों के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा काफी हद तक व्यक्तिगत जिम्मेदारी और पूर्ण सतर्कता पर निर्भर करती है. 

कुछ मिनट भी नहीं छोड़ सकते

उन्होंने कहा है कि किसी बच्चे को कार में अकेले छोड़ना बड़ी अनहोनी को इनवाइट करना जैसा है. उन्होंने कहा कि कुछ मिनटों के लिए भी ऐसा नहीं करना है, चाहे आपको कोई छोटा-मोटा काम निपटाना हो, लेकिन ऐसा नहीं किया जा सकता. साथ ही उन्होंने बताया कि बाहर का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने पर, खड़ी गाड़ी का अंदर का तापमान ग्रीनहाउस की तरह काम करता है और दस मिनट से भी कम समय में 60 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तक पहुंच जाता है. 

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खालिद अल-काय का कहना है कि बच्चों के शरीर का तापमान वयस्कों की तुलना में तीन से पांच गुना तेजी से बढ़ता है, इसलिए सांस लेने में दिक्कत, गंभीर लू लगना या कोई दिमागी क्षति जैसी दिक्कत हो सकती है. ऐसे में शारजाह पुलिस वाहन चालकों से आग्रह कर रही है कि वे अपनी गाड़ियों को लॉक करने से पहले पिछली सीट को देखने को आदत में लाएं और कार की चाबियों को सावधानी से रखें ताकि बच्चे गलती से खुद को अंदर बंद न कर लें. 

पुलिस की ओर से कहा जा रहा है कि एक पल की लापरवाही या असावधानी जानलेवा साबित हो सकती है. हम माता-पिता, अभिभावकों और आम जनता से सुरक्षा दिशानिर्देशों का पूरी तरह पालन करने का आग्रह करते हैं. किसी भी परिस्थिति में बच्चे को वाहन में अकेला नहीं छोड़ना चाहिए, चाहे इंजन चल रहा हो, एयर कंडीशनिंग चालू हो या बंद हो. 

क्या कहता है कानून?

यूएई में किसी बच्चे को वाहन में भूल जाना या छोड़ देना केवल चूक नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर आपराधिक अपराध है. संयुक्त अरब अमीरात के बाल अधिकारों से संबंधित संघीय कानून संख्या 3, 2016 (वदीमा कानून) के तहत, किसी बच्चे को असुरक्षित परिस्थितियों में छोड़ना गंभीर लापरवाही माना जाता है. बच्चों को वाहन में अकेला छोड़ने के दोषी पाए जाने वाले माता-पिता या अभिभावकों को कठोर कानूनी दंड का सामना करना पड़ता है, जिसमें भारी आर्थिक जुर्माना और बाल उत्पीड़न के लिए संभावित कारावास शामिल है. 

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