भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को आखिरकार मानसून ने राहत दी. लेकिन यह राहत ज्यादा देर टिक नहीं पाई. पहली ही तेज बारिश के साथ देश के कई शहरों से वही पुरानी तस्वीरें सामने आने लगीं, जो हर साल मानसून के दौरान देखने को मिलती हैं. कहीं सड़कें तालाब में बदल गईं, तो कहीं बाजार और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पानी में डूब गए. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो एक बार फिर शहरों के सीवेज और ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहे हैं.
ऐसा ही एक वीडियो गुजरात के सूरत का बताया जा रहा है, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया है. वीडियो में एक बड़ा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पूरी तरह जलमग्न नजर आता है. ग्राउंड फ्लोर पर घुटनों से ऊपर तक गंदा पानी भरा हुआ है. पानी में कचरा तैर रहा है और अधिकांश दुकानें बंद दिखाई दे रही हैं. ऊपरी मंजिलों पर खड़े लोग नीचे का नजारा देख रहे हैं, जबकि पूरा परिसर किसी तालाब जैसा दिखाई देता है.
यह भी पढ़ें: अमेरिका में बारिश के कुछ मिनट बाद कहां चला जाता है सारा पानी? भारतीय महिला ने दिखाया पूरा सिस्टम
बताया जा रहा है कि 7 जुलाई को सूरत में बेहद भारी बारिश हुई. शहर के कई इलाकों, जिनमें उधना और वराछा शामिल हैं, वहां 300 से 330 मिमी या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई. लगातार हुई बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया, सड़कें डूब गईं, स्कूल बंद करने पड़े और कई जगह राहत एवं बचाव कार्य भी चलाना पड़ा. मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया था.
देखें वीडियो
इसी बीच महाराष्ट्र के वसई-विरार का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यहां भारी बारिश के कारण सड़कों पर घुटनों से लेकर कई जगह कमर तक पानी भर गया. हालांकि इस मुश्किल हालात के बीच कुछ युवाओं ने पानी में ही नाचना, खेलना और मस्ती करना शुरू कर दिया. देखते ही देखते यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. एक तरफ जहां जलभराव लोगों के लिए परेशानी बना, वहीं कुछ लोग इसी बारिश को जश्न की तरह जीते नजर आए.
यह भी पढ़ें: बारिश हारी, प्यार जीता! पानी में डूबे मंडप तक दूल्हा गोद में उठाकर ले गया दुल्हन
मुंबई में मानसून का असर कितना ज्यादा है, इसका अंदाजा इस वायरल वीडियो से लगाया जा सकता है. कंटेंट क्रिएटर अयाज़ अहमद ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें पानी से लबालब भरी एक हाउसिंग सोसायटी में लोगों के लिए नाव मंगवाई गई है. वीडियो भले ही मजाकिया अंदाज में बनाया गया हो, लेकिन यह शहर में जलभराव की स्थिति को भी साफ दिखाता है.
इन दोनों वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. कई यूजर्स का कहना है कि सूरत, मुंबई और दूसरे शहरों में हर साल भारी बारिश होती है, फिर भी ड्रेनेज सिस्टम और शहरी योजना में अपेक्षित सुधार क्यों नहीं हो पाता. लोगों का सवाल है कि हर मानसून में एक जैसी स्थिति बनने के बावजूद स्थायी समाधान क्यों नहीं निकलता.
aajtak.in