नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग या उनके पिता किम जोंग इल की जिंदगी किसी रहस्य से कम नहीं है. या यूं कहें कि पूरा देश की रहस्यमय है. वहां से जुड़ी सच्चाई तब ही बाहर आ पाती है, जब वहां के नेता के साथ रहा कोई शख्स उस देश से भाग निकले और बाकी दुनिया को वहां की कहानी बता सके.
एक ऐसा ही शख्स जो नॉर्थ कोरिया के पूर्व तानाशाह यानी किम जोंग उन के पिता का पर्सनल बॉडीगार्ड था, वहां की असमानता और अत्याचार से तंग होकर भाग निकला. इसके बाद उसने उस देश के तानाशाहों की सच्चाई सबके सामने लाने की ठानी, जो अपने ही लोगों को जरा सी गलती होने पर गोली से उड़ा देता है.
नॉर्थ कोरिया के शासकों की तानाशाही के बारे में बात करते हुए उस शख्स ने उनकी रंगरलियों और लग्जरी पार्टियों के बारे में भी बताया. आखिर किम जोंग उन की पार्टियां कैसी होती है? क्या सच में उनके पास एक प्लेजर स्क्वायड है, जिसमें सिर्फ 16 से 17 साल की लड़कियां ही शामिल होती है? चलिए जानते हैं नॉर्थ कोरिया से भागे वहां के सीक्रेट सर्विस के पूर्व मेंबर ने क्या कहानी बताई.
13 साल किम जोंग उन के पिता का था बॉडीगार्ड
नॉर्थ कोरिया की सीक्रेट सर्विस के पूर्व सदस्य कांग जिन, जिन्होंने 13 साल तक किम जोंग-इल के पर्सनल बॉडीगार्ड के तौर पर काम किया. कांग ने कहा एक बार 17 साल की उम्र में भर्ती हो जाने के बाद, आप 13 साल तक बाहर नहीं निकल सकते. हमें सर्वोच्च नेता के लिए जीने और मरने के लिए कहा गया था। अगर उनकी मृत्यु होती है, तो हमारी भी मृत्यु हो जाती है.किम के विला की सुरक्षा करने और उसके अंदर के अनकहे राजों के बारे में अपना अनुभव शेयर किया.
किम के सबसे संवेदनशील आवासों - जिनमें वॉनसन, सोंगैम और चांगसेओंग शामिल हैं. इनमें बारी-बारी से उसने सेवा की और यहां तक कि उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच वार्ता के दौरान नेता के काफिले के साथ भी चले. इसी दौरान उनका परिचय किम जोंग उन से हुआ था. तब वह तानाशाह के सीक्रेट चाइल्ड के तौर पर जाने जाते थे. जिनके बारे में सिर्फ परिवार और अंगरक्षकों को ही पता था.
काफी समय तक कांग को भी किम जोंग उन के बारे में पता नहीं था. जब किम अपने पिता के एक सीक्रेट विला में पार्टी करने पहुंचे तब उनके बारे में पता चला कि वह सर्वोच्च लीडर के बेटे हैं. कांग जिन बताते हैं कि नॉर्थ कोरिया के तानाशाह प्योंप्योंग से दूर वॉनसन और सोंगैम में रहते हैं जो चीन की सीमा से सटा हुआ है. यहां रहने की असल वजह ये है कि चीन की सीमा के नजदीक कोई हमला नहीं होगा. कोई मिसाइल या प्लेन से अटैक नहीं हो सकता है.
सीक्रेट विला में सिर्फ तानाशाह ही जा सकते हैं...
तेउकगाक के नाम से जाने जाने वाले ये परिसर देश के सबसे रमणीय भूभागों में फैले हुए हैं. आम उत्तर कोरियाई लोगों का यहां प्रवेश वर्जित है और इनकी सुरक्षा के लिए सैनिकों की भारी तैनाती की जाती है, जिनकी भर्ती उनके पारिवारिक पृष्ठभूमि, रूप-रंग और वफादारी के आधार पर की जाती है. यहां कांग की भी ड्यूटी लगी थी. इस घर के नजदीक किसी भी शख्स को देखते ही उन्हें गोली मारने का आदेश था.
कांग ने बताया कि नॉर्थ कोरिया के तानाशाह के इन सीक्रेट विला में सिर्फ तानाशाह और उनका परिवार यानी पत्नी और बच्चे ही आ सकते हैं, वो भी कभी- कभी. किम जोंग इल इनमें से अलग- अलग घरों में जाकर महीनों अकेले रहते थे और उनके साथ सिर्फ तीन- चार लोग ही अंदर जा सकते थे, जिसमें कांग भी थे. उनकी पत्नी और बच्चे भी वहां नहीं जा सकते थे.
कैसी होती हैं किम की पार्टियां
कांग का कहना है कि इस दौरान वहां परिसर में रातें अक्सर एक ही पैटर्न पर चलती थीं.अंधेरा होने के बाद, लग्जरी कारें गेट से अंदर आती थीं और रात 8 या 10 बजे तक एक तरह का जश्न शुरू हो जाता था. गाड़ियां आती थीं, संगीत बजना शुरू होता था और पार्टियाँ सुबह दो-तीन बजे तक चलती थीं.
पूरे देश से सुंदर- सुंदर 25- 30 लड़कियां लाई जाती थीं, जिनकी उम्र सिर्फ 16 से 20 वर्ष होती थी. उन्हें अलग- अलग कमरे दे दिए जाते थे. उस परिसर में दुनिया की सबसे महंगी शराब, सिगरेट और हर तरह के लजीज खाने होते थे. सब कुछ बेहतरीन था. बेहतरीन मांस, बेहतरीन शराब और बेहतरीन महिलाएं.
ऐसी ही एक पार्टी में किम जोंग उन भी आए थे. उस वक्त उनके पिता रिटायर होने वाले थे और अब उनका बेटा भी पार्टियां करने लगा था. किम जोंग उन भी देश भर से सुंदर- सुंदर लड़कियों को बुलवाता था. पहले उनका हेल्थ चेकअप होता था. किसी भी लड़की को कोई बीमारी नहीं होनी चाहिए.
विला के अंदर सभी लड़कियों के लिए एक- एक कमरा होता था. किम जोंग उन के समय दिन में भी पार्टियां होती थी. पुल में दिन भर पार्टी होती. रात में फिर महंगी गाड़ियों से 4-5 खास लोग आते और म्यूजिक बजना शुरू हो जाता था. लड़कियां 2-3 महीने एक ही विला में ऐसे ही गुजारते. वहां उन्हें तानाशाह के आने का इंतजार करना पड़ता था. इसके बाद दूसरे विला में पार्टी का दौर शुरू होता था. हर बार लड़कियां बदल जाती थी. इन्हीं लड़कियों के ग्रुप को किम का प्लेजर स्क्वायड कहा गया.
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उनका दावा है कि उनके जैसे गार्डों को कभी अंदर आने का न्योता नहीं दिया गया.हम पहरा दे रहे थे। हमें संगीत सुनाई दे रहा था, लेकिन हम कभी अंदर नहीं गए. हमारी भूमिका रहस्य को गुप्त रखने की थी. हमें बताया गया था कि हमारी जान भी उसी की है. हमें ब्रेनवॉश किया गया था कि हमारे लीडर थकावट दूर करने के लिए यहां आराम करते हैं और इसके लिए मनोरंजन जरूरी है.
तानाशाह की सेवा से बाहर आने के बाद आम लोगों का हाल देखकर उस देश से भागने का विचार आया. क्योंकि, मैंने उन आलीशान परिसरों से बाहर आने पर सड़क पर लोगों के शव पड़े देखें. लोगों को खाने के लिए तरसते देखा और वहां अंदर दुनिया भर के लजीज व्यंजनों को कूड़ेदान में डंप होते भी देखा था. इस वजह से मैं अपनी जान जोखिम में डालकर वहां से भाग निकला.
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