'टैक्स-फ्री सैलरी की भी एक कीमत देनी होती है', दुबई में रह रही भारतीय महिला ने बताई सच्चाई

'लोग सिर्फ टैक्स-फ्री सैलरी देखते हैं...' दुबई में अकेली रह रही भारतीय महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है. उन्होंने विदेश में रहने के भावनात्मक अनुभव और परिवार से दूर रहने की मुश्किलों को साझा किया.

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महिला ने दुबई में रहने की मुश्किलें- (Photo:Pexel) महिला ने दुबई में रहने की मुश्किलें- (Photo:Pexel)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:56 PM IST

दुबई में नौकरी, टैक्स-फ्री सैलरी और शानदार लाइफस्टाइल का सपना हर साल हजारों भारतीयों को अपनी ओर आकर्षित करता है. सोशल मीडिया पर भी दुबई की चमक-दमक, ऊंची इमारतें और करियर ग्रोथ की तस्वीरें खूब देखने को मिलती हैं. लेकिन क्या विदेश में रहने की जिंदगी उतनी आसान होती है, जितनी दिखती 

 दुबई, भारतीयों के लिए सबसे लोकप्रिय रोजगार स्थलों में से एक है. लाखों भारतीय वहां नौकरी और कारोबार करते हैं। बेहतर सैलरी और टैक्स-फ्री इनकम के कारण हर साल बड़ी संख्या में लोग दुबई जाते हैं.

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दुबई में अकेली रह रही 23 वर्षीय भारतीय महिला अनुष्का शर्मा ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में इसी सवाल का जवाब देने की कोशिश की है. उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

यह भी पढ़ें: बालकनी में तो सुखाना अपराध है, फिर दुबई में लोग कपड़े कैसे सुखाते हैं?

'लोग सिर्फ टैक्स-फ्री सैलरी देखते हैं'

वीडियो में अनुष्का कहती हैं कि दुबई में सिर्फ टैक्स-फ्री सैलरी देखते हैं, लेकिन यहां की असली कीमत कोई नहीं जानता. घर से दूर रहना, बीमार होने पर सब कुछ अकेले संभालना और हर त्योहार पर सिर्फ वीडियो कॉल करना आसान नहीं है. फताया कि वह 23 साल की हैं और दुबई में अकेले रहती हैं. UAE में भारतीय सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय हैं.विभिन्न सरकारी और सार्वजनिक अनुमानों के अनुसार, वहां लगभग 35 से 40 लाख भारतीय रहते हैं, जिनमें बड़ी संख्या नौकरीपेशा लोगों की है.

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देखें वीडियो

सोशल मीडिया नहीं दिखाता पूरी कहानी

अनुष्का के मुताबिक, सोशल मीडिया पर लोगों को सिर्फ खूबसूरत लाइफस्टाइल, वीकेंड आउटिंग और करियर ग्रोथ दिखाई देती है. लेकिन घर से दूर रहने वाले लोग ही जानते हैं कि इसके पीछे कितनी भावनात्मक चुनौतियां छिपी होती हैं.

उन्होंने कहा कि परिवार के अहम पलों से दूर रहना, ऑफिस में लंबे दिन के बाद अकेले हर जिम्मेदारी संभालना और अचानक घर की याद आना मानसिक रूप से काफी मुश्किल हो सकता है.

दुबई में ज्यादातर कर्मचारियों की सैलरी पर व्यक्तिगत आयकर नहीं लगता. इसी वजह से वहां की 'टैक्स-फ्री सैलरी' दुनिया भर के पेशेवरों को आकर्षित करती है. हालांकि, रहने, किराये, परिवहन और अन्य खर्च काफी अधिक हो सकते हैं.

'याद रखो, शुरुआत क्यों की थी'

वीडियो में अनुष्का आगे कहती हैं कि उनका कहना है कि आज किया गया त्याग भविष्य में परिवार की आर्थिक सुरक्षा और बेहतर जिंदगी की नींव बन सकता है.

उन्होंने कहा कि याद रखो कि आपने यह सफर क्यों शुरू किया था. आज अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलकर जो मेहनत कर रहे हैं, वही आपके परिवार के बेहतर भविष्य और आर्थिक स्वतंत्रता की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है.

सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?

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वीडियो वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने अनुष्का की बातों से सहमति जताई. कुछ लोगों ने लिखा कि विदेश में रहने वाले ज्यादातर लोग ऐसी भावनाओं से गुजरते हैं, जबकि कुछ ने कहा कि घर से दूर रहकर करियर बनाना आसान नहीं होता.

हालांकि, कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि विदेश में रहने का अनुभव हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है और इसे सभी पर लागू नहीं किया जा सकता.

 

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