दुबई कमाने के लिए भारत से हर साल हजारों लोग जाते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह वहां मिलने वाली अपेक्षाकृत बेहतर सैलरी और अच्छी जिंदगी की उम्मीद होती है. हालांकि, कई प्रवासी कामगार लंबे काम के घंटे, सीमित छुट्टियों और अपेक्षा से कम कमाई जैसी शिकायतें भी करते हैं. सोशल मीडिया पर अक्सर दुबई की कमाई और भारत की नौकरियों की तुलना होती रहती है. इन दिनों ऐसा ही एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दुबई में कचरा कलेक्टर के रूप में काम कर रहे पंजाब के अभिषेक सिंह अपनी जिंदगी के बारे में बताते नजर आ रहे हैं.
यह वीडियो कंटेंट क्रिएटर जगदीश चावला ने शेयर किया है. उनके मुताबिक, अभिषेक पिछले 7 से 8 महीनों से दुबई में काम कर रहे हैं. दुबई आने से पहले वह भारत में पढ़ाई कर रहे थे और उन्हें यह नौकरी उनके भाई की मदद से मिली, जो पहले से उसी कंपनी में कार्यरत हैं.
वीडियो में अभिषेक बताते हैं कि इस क्षेत्र में कर्मचारियों को रोजाना 11 से 12 घंटे तक काम करना पड़ता है. उनके अनुसार, इस काम में औसत वेतन करीब 2,000 दिरहम (लगभग ₹51,800) होता है, जबकि उन्हें 1,800 से 1,900 दिरहम यानी करीब ₹46,600 से ₹49,200 के बीच सैलरी मिलती है. कंपनी रहने की सुविधा देती है, लेकिन खाने-पीने का खर्च उन्हें खुद उठाना पड़ता है.
देखें वायरल वीडियो
अभिषेक ने पंजाब के युवाओं के लिए संदेश देते हुए कहा कि परिस्थितियां कैसी भी हों, मेहनत करते रहना चाहिए और आगे बढ़ते रहना चाहिए.
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं. कई यूजर्स ने अभिषेक की मेहनत की सराहना की. एक यूजर ने लिखा, "मैं आपकी मेहनत का सम्मान करता हूं. वहीं कुछ लोगों ने नौकरी में रुचि दिखाते हुए पूछा कि क्या वे भी यह काम कर सकते हैं और दुबई में ऐसी नौकरी पाने की प्रक्रिया क्या है.
हालांकि, कुछ यूजर्स ने इस काम की कठिन परिस्थितियों पर भी सवाल उठाए. एक व्यक्ति ने लिखा कि खासकर गर्मियों में यह बेहद कठिन काम है. वहीं वेतन को लेकर भी बहस छिड़ गई. एक यूजर ने कहा कि 12 घंटे की नौकरी के हिसाब से भारतीय रुपये में यह बहुत कम सैलरी है. जबकि दूसरे ने कमेंट करते हुए लिखा कि वह वहां फंस गया है, उसे भारत लौट आना चाहिए.
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