रिटायरमेंट की उम्र में इंटर्नशिप! 64 साल के शख्स की कहानी ने जीता लोगों का दिल

मुंबई के एक स्टार्टअप ने 64 वर्षीय व्यक्ति को इंटर्न के रूप में नियुक्त कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है. संस्थापक जोशुआ सैलिन्स के अनुसार, इस व्यक्ति के वर्षों के अनुभव ने युवा कर्मचारियों को सीखने और प्रेरित होने का अवसर दिया है.

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 वीडियो को लोगों ने खूब सराहा और कहा कि ज्ञान और अनुभव की कोई उम्र नहीं होती. ( Photo: ITG) वीडियो को लोगों ने खूब सराहा और कहा कि ज्ञान और अनुभव की कोई उम्र नहीं होती. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 जून 2026,
  • अपडेटेड 7:55 AM IST

मुंबई के एक स्टार्टअप फाउंडर ने 64 वर्षीय व्यक्ति को इंटर्न के रूप में अपनी टीम में शामिल करके लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. आमतौर पर इंटर्नशिप को युवा छात्रों और नए कर्मचारियों से जोड़ा जाता है, लेकिन इस अनोखी पहल ने यह दिखाया है कि सीखने और काम करने की कोई उम्र नहीं होती. इस कहानी की शुरुआत तब हुई जब स्टार्टअप के संस्थापक जोशुआ सैलिन्स ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया. वीडियो में 64 वर्षीय इंटर्न ऑफिस में युवा कर्मचारियों के साथ बातचीत करते नजर आ रहे हैं. टीम के सदस्य उनकी बातों को ध्यान से सुन रहे हैं और उनके अनुभव से सीखने की कोशिश कर रहे हैं.

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इंटर्न को टीम में शामिल कर चर्चा में स्टार्टअप
वीडियो पर लिखे गए संदेश में बताया गया कि इस व्यक्ति के पास कंपनियां बनाने और उन्हें आगे बढ़ाने का वर्षों का अनुभव है. यही अनुभव अब स्टार्टअप की युवा टीम के लिए बहुत काम आ रहा है. वीडियो में यह भी कहा गया कि जब टीम का मनोबल कम हो जाता है, तब वह अपने अनुभवों के जरिए कर्मचारियों को प्रेरित करते हैं, क्योंकि वे खुद भी अपने जीवन में ऐसे कई दौर देख चुके हैं.

वीडियो शेयर करते हुए जोशुआ सैलिन्स ने लिखा कि 64 साल के इंटर्न को टीम में शामिल करना उनके द्वारा लिया गया सबसे अच्छा फैसला साबित हुआ है. उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया और कई लोगों ने इस बारे में अपनी राय दी. हालांकि, कुछ लोगों के मन में यह सवाल भी आया कि इतनी उम्र में कोई व्यक्ति इंटर्न क्यों बनेगा. एक यूजर ने कमेंट करके यही सवाल पूछा. इसके जवाब में जोशुआ ने बताया कि वह व्यक्ति घर पर खाली बैठने के बजाय सक्रिय रहना चाहते थे. साथ ही, उनके पास वर्षों का अनुभव और ज्ञान है, जिसे वे टीम के साथ साझा करना चाहते हैं. यही वजह है कि उन्होंने इंटर्न के रूप में काम करना स्वीकार किया.

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आखिर 64 साल की उम्र में इंटर्न क्यों बने?
जोशुआ का यह जवाब सोशल मीडिया यूजर्स को काफी पसंद आया. कई लोगों ने कहा कि अनुभवी लोगों को भी काम करने और अपना ज्ञान बांटने का मौका मिलना चाहिए. कुछ लोगों का मानना था कि ऐसे लोग किसी भी संस्था के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकते हैं.

एक महिला ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि उनकी मां के पास भी बहुत ज्ञान है, लेकिन वह घर पर बैठी रहती हैं, इसलिए उन्हें भी नौकरी पर रख लेना चाहिए. वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा कि ज्ञान और अनुभव कभी पुराने नहीं होते, बल्कि समय के साथ और भी मूल्यवान बन जाते हैं. कई लोगों ने इस बात की भी सराहना की कि युवा कर्मचारी इंटर्न की बातों को बड़े ध्यान से सुन रहे थे. लोगों का कहना था कि आज के समय में युवाओं और अनुभवी लोगों के बीच ऐसा संवाद बहुत जरूरी है. यह कहानी साबित करती है कि उम्र चाहे कितनी भी हो, सीखने और दूसरों को सिखाने का जज्बा हमेशा नया रहता है.

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