भारी-भरकम सूटकेस को कहें बाय-बाय! सिर्फ एक बैग के साथ ऐसे करें दुनिया की सैर!

आजकल सफर सिर्फ जगह बदलने का नाम नहीं रहा, बल्कि आजादी और सुकून की तलाश बन गया है. ऐसे में भारी-भरकम सूटकेस अब कई यात्रियों को गैर-जरूरी लगने लगे हैं. अगर आप भी आसान और झंझट-मुक्त ट्रैवल चाहते हैं, तो यह ट्रेंड आपके सफर को नए नजरिए से देखने पर मजबूर कर सकता है.

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एक बैग में करें दुनिया की सफर (Photo: Pexels) एक बैग में करें दुनिया की सफर (Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 06 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:20 PM IST

अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो एयरपोर्ट पर भारी-भरकम सूटकेस घसीटते हुए खुद को कोसते हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है. अक्सर हम क्या पता कब क्या काम आ जाए के चक्कर में पूरा घर बैग में भर लेते हैं और फिर सफर का मजा कम, सामान का बोझ ज्यादा ढोते हैं. लेकिन, दुनिया अब बदल रही है. आजकल स्मार्ट मुसाफिरों का नया मंत्र है वन बैग ट्रैवल. यानी एक बैग और पूरा सफर चकाचक.

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सफर का असली रोमांच उस आजादी में है, जहां आप भीड़भाड़ वाली सड़कों, मेट्रो स्टेशनों और एयरपोर्ट की लंबी लाइनों के बीच बिना किसी रुकावट के निकल सकें. एक बड़ा सूटकेस न सिर्फ आपके हाथ फंसाता है, बल्कि आपकी वो आजादी भी आपसे छीन लेता है. यकीन मानिए, कंधे पर टंगा एक हल्का बैग सिर्फ शरीर का बोझ कम नहीं करता, बल्कि आपको वो रफ्तार और कॉन्फिडेंस देता है, जिसकी जरूरत एक सच्चे घुमक्कड़ को होती है. तो चलिए, आज इसी का पूरा गणित समझते हैं कि कैसे आप भी एक स्मार्ट पैकर बन सकते हैं और बिना किसी भारी ताम-झाम के पूरी दुनिया नाप सकते है.

बैग पहले या सामान?

स्मार्ट पैकिंग की शुरुआत एक बुनियादी सवाल से होती है आपकी प्राथमिकता क्या है? अक्सर मुसाफिर इस उलझन में रहते हैं कि पहले एक शानदार बैग खरीदकर उसके हिसाब से सामान छांटें, या फिर अपनी जरूरतों की लिस्ट बनाकर उन्हें फिट करने के लिए सही बैग ढूंढें. असल में, बैग का चुनाव आपकी यात्रा के तरीके पर निर्भर करता है, इसलिए अपनी जरूरत को पहचानना सबसे जरूरी है. अब यह आपको तय करना है कि आपको मजबूत डफल बैग पसंद है, कंधों पर टिकने वाला बैकपैक या फिर पहियों वाला क्लासिक सूटकेस. खासकर अगर आप फ्लाइट से सफर कर रहे हैं, तो एयरलाइन के नियमों का विशेष ध्यान रखें. चूंकि एयरलाइंस वजन और बैग के साइज को लेकर काफी सख्त होती हैं, इसलिए हमेशा ऐसा बैग चुनें जो उनके मानकों पर खरा उतरे. इससे आप एयरपोर्ट पर होने वाली किसी भी परेशानी या अतिरिक्त जुर्माने से बच सकेंगे.

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सफर के लिए बेहतरीन बैग्स के विकल्प

अगर आप एक साहसी अंदाज वाले मुसाफिर हैं, तो डफल बैग्स आपके लिए मजबूती और स्टाइल का एक शानदार मेल साबित हो सकते हैं. आजकल बाजार में ऐसे डफल बैग्स मौजूद हैं जो न सिर्फ काफी मजबूत होते हैं, बल्कि हर तरह के मौसम की मार झेलने के लिए तैयार किए गए हैं. इनकी सबसे अच्छी बात यह है कि आप इन्हें हाथ से पकड़कर टशन में चल सकते हैं या फिर जरूरत पड़ने पर बैकपैक की तरह कंधे पर भी टांग सकते हैं, यह हर मोड़ पर आपका साथ निभाने के लिए तैयार रहते हैं.

वहीं दूसरी तरफ, वन-बैग ट्रैवल करने वालों का सबसे असली और पसंदीदा हथियार बैकपैक ही है.  एक बैग के साथ दुनिया नापने वाले मुसाफिरों के लिए यह सबसे बेहतरीन सिस्टम माना जाता है. बस ध्यान ये रखना है कि ऐसे बैकपैक्स चुनें जो प्लेन के कैरी-ऑन नियमों में फिट बैठें और जिनमें कंधों का बोझ कम करने के लिए अच्छी स्ट्रैप्स लगी हों. अगर आप हल्का और कॉम्पैक्ट रहना चाहते हैं, तो 30 से 40 लीटर वाले बैग्स आपके लिए सबसे सटीक रहेंगे. यहां तक कि अब तो बाजार में ऐसे हाइब्रिड मॉडल भी आ गए हैं जिनमें पहिए भी लगे होते हैं और पीठ पर टांगने के लिए बेल्ट भी दी जाती है.

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लेकिन अगर आप बैकपैक के शौकीन नहीं हैं और पहियों के साथ ही कंफर्टेबल महसूस करते हैं, तो भी आप एक ही हैंड-सूटकेस के साथ अपनी यात्रा को यादगार बना सकते हैं. इसके लिए आपको बस थोड़ा सतर्क रहना होगा कि बैग का वजन और साइज ऐसा हो जो ज्यादातर एयरलाइनों की लिमिट के अंदर रहे. इसलिए एक ऐसा बैग चुनें जिसे आप खुद आसानी से उठाकर प्लेन के ओवरहेड बिन में रख सकें, ताकि न तो आपको सामान खोने का डर रहे और न ही एयरपोर्ट पर सामान निकलने का घंटों इंतजार करना पड़े.

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पैकिंग को स्मार्ट बनाने वाले कुछ जादुई टूल्स

अपनी पैकिंग को और भी स्मार्ट बनाने के लिए आप कम्प्रेशन बैग्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. ये जादुई बैग कपड़ों को दबाकर बैग में इतनी जगह बना देते हैं कि आप सोच भी नहीं सकते. हालांकि इससे वजन कम नहीं होता, लेकिन सामान इतना व्यवस्थित रहता है कि जरूरत पड़ने पर चीजें ढूंढना बेहद आसान हो जाता है. इसके अलावा, सफर के दौरान अपने बैग के बाहर एक छोटा सा कैराबिनर (हुक) लटकाना भी एक समझदारी भरा कदम है, जो पानी की बोतल, टोपी या जूतों की एक एक्स्ट्रा जोड़ी को लटकाने के बड़े काम आता है. इन सबके बीच सबसे जरूरी बात है अपने बैग के वजन का ख्याल रखनाय. याद रखिए, एक बैग के साथ सफर करने का असली मकसद आजादी से घूमना है, इसलिए बोझ उतना ही रखें जिसे आप सीढ़ियां चढ़ते या पैदल चलते वक्त आसानी से खुद उठा सकें.

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हम अक्सर अनिश्चितताओं के डर से बैग भर लेते हैं.  मान लीजिए अगर आप जुलाई की गर्मी में स्पेन जा रहे हैं, तो वहां बारिश का छाता ले जाना सिर्फ वजन बढ़ाना है. याद रखिए, छुट्टी पर जाने का मतलब यह नहीं है कि आप कोई दूसरे इंसान बन जाएंगे. उतना ही सामान रखें जितना आप घर पर सामान्य तौर पर इस्तेमाल करते हैं. गैर-जरूरी चीजों को घर छोड़ें और यादों के लिए बैग में थोड़ी जगह खाली रखें.

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