आजकल अधिकतर लोग फेसबुक का इस्तेमाल करते हैं और धीरे-धीरे ये लोगों की लत भी बनता जा रहा है. इसी से जुड़े एक स्टडी से खुलासा हुआ है कि मटिरीअलिस्टिक (भौतिकतावादी) लोग फेसबुक का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं और वो अपने दोस्तों को डिजिटल ऑब्जेक्ट की तरह ट्रिट करते हैं. साथ ही ऐसे लोग सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर खुद की तुलना अपने दोस्तों से करना ज्यादा जरूरी समझते हैं.
रिसर्चर्स ने ये भी पाया कि ऐसे लोगों के दोस्त भी ज्यादा होते हैं. आईएएनएस की खबर के मुताबिक, 'हेलियोन' नामक पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन में कहा गया है कि मटिरीअलिस्टिक लोग अपने फेसबुक के दोस्तों से डिजिटल ऑब्जेक्ट की तरह व्यवहार करते हैं.
रिसर्च में यह पता चला है कि मटिरीअलिस्टिक लोग फेसबुक का इस्तेमाल अपने लक्ष्यों को हासिल करने और करने के लिए करते हैं. स्टडी के मुख्य लेखक और जर्मनी में बोचुम स्थित रुहर-युनिवर्सिटी के फिलिप ओजिमक ने कहा, 'मटिरीअलिस्टिक लोग फेसबुक का इस्तेमाल अक्सर करते हैं. वे अपने फेसबुक दोस्तों का इस्तेमाल अपना अधिकार बढ़ाने में करते हैं.' शोध में कहा गया है कि मटिरीअलिस्टिक लोग फेसबुक के दूसरे लोगों से अपनी तुलना करते रहते हैं.
इसके अलावा बताते चलें Facebook ने भारत में अपने ऐप में एक फीचर को पेश किया है जिसके जरिए उपयोग किए गए सामान की खरीद या बिक्री की जा सकती है. 'मार्केटप्लेस' फीचर को फेसबुक ने मुंबई में ट्रायल के तौर पर शुरू किया है. अगर ये ट्रायल यहां कामयाब रहा तो इसे देशभर में फैलाया जाएगा.
फेसबुक के मार्केटप्लेस फीचर से यूजर्स उपयोग किए गए प्रोडक्ट्स के लिए एड पोस्ट कर सकते हैं या दूसरों के पोस्ट को सर्च कर सकते हैं. ये फीचर ठीक की तरह है. मार्केटप्लेस पहले से ही यूएस समेत 25 देशों में मौजूद है और हाल ही में इसे 17 देशों में रोलआउट किया गया है. इसमें जर्मनी, फ्रांस और यूके शामिल है.
साकेत सिंह बघेल