मिल्खा सिंह ने दिया ओलंपिक मेडल जीतने का नुस्खा, कहा- सबसे पहले राज्यवर्धन बनाए जाएं खेल मंत्री

मिल्खा सिंह ने राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को केंद्रीय खेल मंत्री बनाए जाने की मांग की और कहा कि इसके बाद माकूल समर्थन के साथ भविष्य में ओलंपिक जैसे बड़े खेल आयोजनों में भारत बेहतर नतीजा दे सकता है.

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मिल्खा सिंह मिल्खा सिंह

अभिजीत श्रीवास्तव

  • नई दिल्ली,
  • 20 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 8:14 AM IST

भारत के दिग्गज एथलीट मिल्खा सिंह ने रियो ओलंपिक में भारत को दो मेडल मिलने के बाद कहा है कि अभी से टोक्यो में होने वाले अगले ओलंपिक खेलों की तैयारियों में जुट जाना चाहिए और इसके लिए उन्होंने कुछ नुस्खे भी सुझाए, जिसमें सबसे पहले खेल मंत्री को बदलने की मांग की गई है.

मिल्खा सिंह ने राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को केंद्रीय खेल मंत्री बनाए जाने की मांग की और कहा कि इसके बाद माकूल समर्थन के साथ भविष्य में जैसे बड़े खेल आयोजनों में भारत बेहतर नतीजा दे सकता है. उन्होंने कहा, ‘मेरे पास एक सुझाव है, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को खेल मंत्री का पद देकर उचित वित्त और संसाधन दिए जाएं. साथ ही विभिन्न खेलों के लिए अलग अलग प्रमुख भी रखे जाएं और भारत पदक ला सके इसके लिए उन्हें सभी समर्थन दिया जाए. भारत में अपार प्रतिभा है और सही प्रयासों के साथ मुझे विश्वास है कि हम यह कर सकते हैं.’

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‘साक्षी, सिंधू के कंधे पर मेडल देख मैं रो पड़ा’
फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह ने रियो ओलंपिक में , साक्षी मलिक और दीपा कर्माकर के चमकदार प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘मेडल मिलने के बाद साक्षी और सिंधू के कंधों पर तिरंगा देखकर मैं भावुक हो गया. मेरे साथ यूनिवर्सिटी लेवल की बैडमिंटन प्लेयर रह चुकी मेरी पत्नी निर्मला ने भी पीवी सिंधू, उनके माता-पिता और कोच गोपीचंद को इस अद्भुत उपलब्धि के लिए बधाई दी.’ उन्होंने आगे कहा, ‘इसके साथ ही मैं साक्षी मलिक और दीपा कर्माकर के माता-पिता और कोच को उनके त्याग के साथ ही कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के लिए बधाई देता हूं. ये वो चीजे हैं जिनकी बदौलत भारतीय विशिष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं. यह हमारे बच्चों के लिए प्रेरणा है. आप महिलाओं ने भारत को गौरवान्वित किया है और हम आपके आभारी हैं.’

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‘रियो खत्म होते ही टोक्यो के लिए जुटें’
ने कहा, ‘जैसे ही रियो ओलंपिक समाप्त होता है, हमें टोक्यो में अधिक से अधिक मेडल लाने के उद्देश्य पर जुट जाना चाहिए. इस दौरान दुनिया भर में हो रहे खेल प्रतिस्पर्धाओं में प्रदर्शन में लगातार सुधार पर भी हमें अपनी नजरें बनाई रखनी चाहिए. आज हमारे पास बुनियादी सुविधाओं और संसाधन मौजूद हैं. कुछ भी कमी नहीं है. हमें वर्ल्ड क्लास कोच की सुविधा लेनी चाहिए, उन्हें और खेल से जुड़े लोगों को सशक्त बना कर सोने के तमगे के पीछे अभी से जुट जाना चाहिए.’

रियो में सिंधू, साक्षी और दीपा ने बनाया रिकॉर्ड
रियो में अपने प्रदर्शन की बदौलत जहां पीवी सिंधू सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं, वहीं ने भी ओलंपिक मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने का गौरव प्राप्त किया. इतना ही नहीं दीपा कर्माकर तो ऐसी पहली भारतीय महिला बन गईं, जिसने ओलंपिक के जिम्नास्टिक प्रतिस्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व किया. साथ ही वो अपने पहले ही प्रयास में एकल वॉल्ट प्रतिस्पर्धा के फाइनल तक पहुंची और वहां यह 23 वर्षीय खिलाड़ी 0.150 अंकों से ओलंपिक पदक से चूक गईं. यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी भारतीय जिम्नास्ट का अब तक का सबसे बढ़िया प्रदर्शन था.

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